सोनभद्र। गैर मुस्लिम धर्मगुरुओं की टारगेट किलिंग की साजिश रचने के मामले में यूपी एटीएस की गिरफ्त में आए सोनभद्र के सफील सलमानी की गतिविधियां पिछले कुछ दिनों से संदिग्ध थीं। उसने अपने व्हाट्सएप प्रोफाइल पर खुद को मौत का मुसाफिर लिख रखा था। सोशल मीडिया में उसकी सक्रियता अधिक थी। वह लोगों से धार्मिक मामलों के लिए खुद से जुड़ने को कहता था। हालांकि गांव के लोगों से उसका संपर्क काफी कम था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद लोग सकते में हैं।
सफील सलमानी करमा थाना क्षेत्र के खैराही भदोही गांव का निवासी है। चार भाइयों में वह तीसरे नंबर का है। मजदूर परिवार से ताल्लुक रखने वाला सफील पहले शटरिंग का काम करता था। पिता मुंबई में रहकर रोजगार करते हैं। एक भाई उनके साथ रहता है। एक भाई रॉबर्ट्सगंज में काम करता है, सबसे छोटा ऑटो ड्राइवर है।
ग्रामीणों के मुताबिक, सफील का गांव के लोगों से संपर्क कम था। पहले वह कोई काम करता था, लेकिन अब उसकी सक्रियता सोशल मीडिया में ज्यादा थी। वह एएमएफ कौम ए मुस्लिम सोनभद्र नाम से व्हाट्सएप ग्रुप चलाता है। इसी में वह धार्मिक पोस्ट करता था। गत 17 सितंबर को उसने अपने स्टेटस पर विवादित पोस्ट लगाई थी। लोगों का कहना है कि धार्मिक मामलों में चुप्पी पर अक्सर नाराजगी जताते हुए वह स्थानीय लोगों से उससे जुड़ने के लिए कहता था। हालांकि लोग उससे ज्यादा इत्तेफाक नहीं रखते थे। सोमवार को जब उसकी गिरफ्तारी की खबर आई तो गांव व आसपास के लोग सन्न रह गए। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि सफील ऐसी गतिविधियों में संलिप्त रहा है।