नागपंचमी के अवसर पर रविवार की सुबह नाग देवता की घरों में पूजा की गई। लावा और दूध चढ़ाया गया। कई जगह दोपहर बाद दंगल का आयोजन किया गया है। शिवालयों में पूजन-अर्चन करने के लिए भीड़ लगी रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन एलर्ट रहा।
अलसुबह लोगों ने स्नान कर भगवान शिव की पूजन-अर्चन कर मन्नतें मांगीं। राबर्ट्सगंज नगर में स्थित वीरेश्वर महादेव मंदिर, शोभनाथ मंदिर, शिव मंदिर, रौप स्थित पंचमुखी मंदिर, बरैला स्थित भोले शंकर मंदिर, गौरीशंकर गांव में स्थित शिव मंदिर परिसर में पूरे दिन श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। यहां कतारबद्ध होकर भक्तों ने पूजन-अर्चन किया। मंदिरों के समीप महिला फोर्स भी तैनात रही, ताकि महिलाओं को पूजा करने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। गुप्तकाशी में भी भक्तों की भी भारी भीड़ रही।
मंदिरों के समीप सपेरों श्रद्धालुओं को नागराज का दर्शन कराया। श्रद्धालुओं ने नागराज को दूध और मखाना का लावा खिलाया। इस दौरान सपेरों ने कई श्रद्धालुओं के गलेे मेें जबरदस्ती नागराज को पहना दे रहे थे। इसको लेकर कुछ लोगों ने नाराजगी भी जताई। राबर्ट्सगंज में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर फोर्स के साथ सीटी सीओ सच्चिदानंद और कोतवाल अबरार अहमद भ्रमण करते रहे। उधर मझिगांव, लोढ़ी, जैत उरमौरा, समेत अन्य गांवों में विगत वर्षों की भांति कुश्ती और दंगल का आयोजन किया गया। इसमें पहलवानों ने जोर आजमाइश की। रेफरी की देखरेख में कुश्ती संपन्न हुई। दर्शकों ने विजेता और उपविजेता पहलवानों को नकद देकर उनकी हौसलाअफजाई की।