जिले भर में शारदीय नवरात्र के नौवें दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने देवी भगवती के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा-अर्चना की। जहां देवी मंदिरों में पूजन-अर्चन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वहीं पूजा पंडालों में शाम के समय श्रद्धालुओं ने पूजा और आरती की।
देवी भगवती का आठवां स्वरूप माता महागौरी का है। सौभाग्य, धन संपदा, सौंदर्य और नारी सुलभ गुणों की अधिष्ठात्री देवी महागौरी हैं। अठारह गुणों की प्रतीक महागौरी अष्टांग योग की अधिष्ठात्री भी हैं। वह धन-धान्य, गृहस्थी, सुख और शांति प्रदात्री हैं। महागौरी इसी का प्रतीक हैं।
भगवान शिव ने काली जी पर गंगाजल छिड़का तो वह महागौरी हो गईं। महागौरी सृष्टि का आधार हैं। महागौरी का अक्षत सुहाग की प्रतीक देवी हैं। देवी की इस रूप की पूजा-अर्चना विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का फल प्रदान करती है। राबर्ट्सगंज नगर व आसपास के देवी मंदिरों पर शुक्रवार को सुबह से ही दर्शन-पूजन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। राबर्ट्सगंज मेन चौक स्थित शीतला माता मंदिर, ब्रम्हनगर में दुर्गा मंदिर, पूरब मोहाल में सातो शीतला माता मंदिर, दंडइत बाबा मंदिर परिसर में काली और दुर्गा माता मंदिर, सांई मंदिर के बगल में दुर्गा मंदिर, अंबेडकर नगर में मां कड़े शीतला मंदिर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया और माता रानी से मन्नतें मांगी।
वहीं शाम के समय देवी पूजा पांडालों में श्रद्धालुओं ने मां की पूजा-अर्चना और आरती उतारी। राबर्ट्सगंज के बढ़ौली चौक, मेन चौक, सिविल लाइंस रोड, आरटीएस क्लब, घोरावल रोड, रेलवे क्रासिंग रोड, रामलीला मैदान के पास, शीतला माता मंदिर के पास बने पूजा पांडालों में देर रात्रि तक श्रद्धालुओं की भीड़ रही। इस दौरान समूचे नगर में भक्तों का रेला उमड़ा रहा जो देर रात तक चलता रहा। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। इसी प्रकार चोपन, डाला, ओबरा, रेणुकूट, कोन, म्योरपुर, बभनी, रामगढ़, घोरावल, शाहगंज, करमा, केकराही, वैनी, खलियारी, चुर्क, विंढमगंज, दुद्धी, अमवार में देवी भगवती के महागौरी स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई।