ओबरा। स्थानीय सी परियोजना का निर्माण कार्य करा रही कंपनी से नियोजित मजदूरों ने बकाया मजदूरी की मांग को लेकर तीसरे दिन भी आंदोलन किया। धरनारत मजदूरों ने सोमवार को परियोजना गेट का घेराव किया। अन्य मजदूरों को अंदर जाने से रोक दिया। इससे परियोजना का कार्य प्रभावित रहा। पुलिस ने परियोजना के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर मजदूरों से वार्ता कराई। एक सप्ताह में भुगतान के आश्वासन पर मजदूर शांत हुए। करीब तीन घंटे तक ओबरा-सी परियोजना का कार्य प्रभावित रहा।
कंपनी से नियुक्त कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें तीन माह से मजदूरी नहीं मिली है। कई बार आश्वासन देकर टाल दिया जा रहा है। नाराज कर्मचारी शनिवार से आंदोलित है। धरने के तीसरे दिन अंबेडकर चौराहा स्थित सी परियोजना के गेट पर इकठ्ठा होकर अन्य मजदूरों को भी परियोजना के अंदर जाने से रोक दिया। इस दौरान मजदूरों ने कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
जानकारी पाकर थाना प्रभारी अविनाश कुमार सिंह व कस्बा चौकी प्रभारी अमित कुमार त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मजदूरों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन मजदूर अपनी मांग पर अड़े रहे। बाद में थाना प्रभारी ने कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाकर मजदूर नेताओं से बात कराई। एक सप्ताह के अंदर बकाया भुगतान के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी शांत हुए। मजदूरों का नेतृत्व कर रहे नागेंद्र चौहान एवं मणिशंकर पाठक ने बताया कि सभी मजदूरों का बकाया भुगतान एक सप्ताह के अंदर नहीं होने पर फिर से आंदोलन किया जाएगा। मौके पर जीएम व्योंगचांग पार्क, महावीर प्रसाद, अजय, विक्रम, चंद्रशेखर, जयराम, किशन सिंह, आनंद, इमरान, लाल बहादुर आदि मौजूद रहे।