एनटीपीसी रिहंद परियोजना परिसर में बुधवार सुबह विभिन्न आउटसोर्सिंग कंपनियों के सैकड़ों श्रमिक काम ठप कर एफजीडी स्टेज-2 और 3 के बीच धरने पर बैठ गए। श्रमिकों ने कंपनियों पर शोषण का आरोप लगाते हुए करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया। धरने की सूचना मिलते ही कंपनियों के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीआईएसएफ के जवान तैनात रहे।
श्रमिकों का आरोप था कि उन्हें आठ घंटे के वेतन पर 12 घंटे काम कराया जाता है और ओवरटाइम का भुगतान सही तरीके से नहीं दिया जाता। साथ ही बोनस सहित अन्य लाभ भी नहीं मिल रहे हैं। प्रदर्शन में एनर्जियस प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड, शिवम एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, श्री विम इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड, गुनाल ग्लोबल फेवटेक प्राइवेट लिमिटेड, कुबेर इंटरप्राइजेज, रोहन बिल्डर्स, प्रिया इंफ्रा, एमएचपीएच समेत कई कंपनियों के श्रमिक शामिल रहे।
श्रमिकों की नाराजगी को देखते हुए कंपनियों के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उनकी मांगों पर सहमति जताई और उन्हें काम पर लौटने के लिए कहा। आश्वासन मिलने के बाद श्रमिक वापस अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौट गए।
एमएचपीएच के एचआर प्रबंधक अजीत गुप्ता ने बताया कि श्रमिकों ने आठ घंटे की ड्यूटी और उसके बाद किए गए काम का ओवरटाइम डबल हाजिरी के साथ देने की मांग रखी है। बोनस आदि की कोई समस्या नहीं है। श्रमिकों का वेतन भुगतान भी समय से होगा।