पंचायत राज सेवा परिषद के आह्वान पर पंचायत राज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर धरना दिया और प्रदर्शन किया। इसमें पंचायती राज विभाग में कार्यरत सफाई कर्मियों ने भी समर्थन दिया। ग्राम्य विकास से मुक्ति की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
धरना प्रदर्शन का आयोजन डीपीआरओ एमपी दुबे के नेतृत्व में किया गया। अध्यक्षता पंचायत राज सेवा परिषद के जिलाध्यक्ष प्रेमदास ने किया। एडीओ पंचायत प्रेमदास ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग द्वारा पंचायत राज विभाग की योजनाओं का दोहन किया जा रहा है और कर्मचारियों पर अवैध दबाव बनाकर उनका शोषण किया जा रहा है। ग्राम विकास विभाग पंचायत राज विभाग के विरुद्ध दुष्प्रचार कर रहा। एडीओ पंचायत सुरेश तिवारी ने कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को ग्राम विकास विभाग द्वारा इस प्रकार चलाया गया कि उसमें निरंतर भ्रष्टाचार होते रहे और अंत में योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी। सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रविप्रकाश मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष क्रांति सिंह ने भी सफाई कर्मियों पर ग्राम विकास विभाग से हो रहे उत्पीड़न की जानकारी दी गई।
सेवा परिषद के संरक्षक डीपीआरओ एमपी दुबे ने ग्राम विकास विभाग से मुक्ति दिलाने व उनके द्वारा किये जा रहे शोषण से मुक्ति की मांग उठाई। चेताया कि मांग पूरी नहीं हुई तो 17 जून को लखनऊ में धरना दिया जाएगा। ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गोपीनाथ गिरि, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष अजय कमर सिंह, सैफुल्लाह खां, दीन दयाल सिंह, प्रेम प्रकाश पांडेय आदि मौजूद रहे।