फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: दूसरी इकाई के लाइटअप होने से पहले मजदूरों ने ठप किया काम

विज्ञापन
विज्ञापन
ताप विद्युत गृह ओबरा में 1300 करोड़ की लागत से 1320 मेगावाट की नई परियोजना में कार्यरत संविदा मजदूरों ने बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर कार्य बंद कर दिया। मजदूरों की हड़ताल ऐसे वक्त हुई जब इसी दिन 660 मेगावाट क्षमता की ओबरा सी परियोजना की दूसरी इकाई लाइटअप होनी थी।
विज्ञापन

मजदूरों के कार्य बहिष्कार से इकाई को लाइटअप की प्रक्रिया को प्रभावित किया। हालांकि देर शाम तक प्रबंधन इकाई को चालू करने में जुटा रहा। परियोजना का निर्माण कर रही कोरियन कंपनी दूसान में मजदूर और ठेकेदारों के बकाया भुगतान का मामला लगातार बना हुआ है।
शनिवार को मजदूरों ने अपने दो से चार माह के बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर सुबह साढ़े आठ बजे कार्य बहिष्कार करते हुए दूसान कंपनी के मेन गेट पर ताला जड़ दिया और नारेबाजी करने लगे। लगभग तीन घंटे तक कार्य बंद रहा। हड़ताल में एसके, बीटीई, सम एनर्जी, पीएनसी, स्टार्ट इलेक्ट्रिकल्स आदि कंपनियों के करीब 1000 मजदूर शामिल रहे।
विज्ञापन

कंपनियों के ठेकेदारों से कोरियन कंपनी के उच्च प्रबंधन समिति ने वार्ता कर 21 जनवरी तक संपूर्ण भुगतान करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद मजदूर काम पर लौटे और परियोजना का काम सुचारू रूप से शुरू हो सका। हड़ताल से ओबरा-सी की दूसरी इकाई को लाइटअप करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रबंधन ने इस दिशा में काम शुरू किया। ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. आरके अग्रवाल ने बताया कि शनिवार की देर शाम ओबरा सी की दूसरी इकाई के लाइटअप की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सी विद्युत गृह निर्माण के अंतिम चरण में है। इस इकाई के कॉमर्शियल लोड पर आने पर प्रदेश को 660 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें