बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ भाजपा से निष्कासित प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की ओर से की गई अशोभनीय टिप्पणी को लेकर विरोध शुरू हो गया है। गुरुवार को बसपा कार्यकर्ताओं ने सुभाष तिराहे पर प्रदर्शन किया और दयाशंकर सिंह का पुतला फूंका। उनकी गिरफ्तारी की मांग की।सुभाष तिराहे पर इकट्ठा हुए बसपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की और दलितों के उत्पीड़न का आरोप लगाया।
दयाशंकर सिंह का पुतला फूंकने के बाद सभा कर वक्ताओं ने कहा कि भाजपा दलितों की विरोधी है। दलितों के साथ अत्याचार व मायावती के साथ अभद्र व्यवहार कार्यकर्ता कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। वक्ताओं ने दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि यह भाजपा की सोची समझी साजिश है। भाजपा नेता दलितों के साथ रहते हुए भी उनके ऊपर अत्याचार कर रहे हैं। यह उनकी मनुवादी सोच को उजागर करता है। कहा कि दलितों संग अन्याय व अत्याचार करके उनकी भलाई कैसे की जा सकती है।
कार्यकर्ताओं ने मांग किया कि दयाशंकर सिंह जैसे तुच्छ सोच वाले व्यक्ति को तत्काल गिरफ्तार किया जाए अन्यथा में पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर आंदोलन चलाया जाएगा। पुतला दहन में भोला कनौजिया, शशि पटेल, उपेंद्र पासवान, नीरज भाटिया, राजेश्वर सिंह, अभय सिंह, गोपाल कनौजिया, महताब आलम, राजू अन्ना, रामजतन भारती, ताराचंद वर्मा, फागूराम, त्रिरत्न शुक्लेेश, संजय कनौजिया आदि मौजूद रहे।
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दुद्धी प्रतिनिधि के अनुसार भाजपा के निष्कासित प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह द्वारा बसपा सुप्रीमो मायावती पर आपत्ति जनक टिप्पणी के विरोध में गुरुवार को दुद्धी के बसपा कार्यालय पर बैठक हुई। इसमें जिला कार्यकारिणी सदस्य अनिल मौर्या सहित मनोज भारती व उदय कुमार शर्मा आदि ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती पर आपत्तिजनक टिप्पणी निंदनीय है। उनके शब्द माफ़ी के लायक नही हैं। भाजपा दलित विरोधी पार्टी है।
बैठक मेें अशोक मौर्या, सुरेश चंद्र, राजकुमार कन्नौजिया, मनीष कन्नौजिया, राजेश धुसिया, अंकित जौहरी मौजूद रहे।