राबर्ट्सगंज रक्षाबंधन पर भाई की कलाई में राखी बांधती बहनें।
लगातार बारिश होने के बावजूद जिले में रक्षाबंधन का पर्व गुरुवार को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांध कर जहां रक्षा का वचन मांगा। वहीं पुरोहितों ने भी यजमान की कलाई पर रक्षासूत्र बांध मंगल की कामना की।
शहर से लेकर गांव तक रक्षाबंधन पर्व की धूम रही। चहुंओर बहना ने भाई के कलाई में डोर बाधा.., इसे समझो ना रेशम का डोर भइया...गीत सुनाई दे रा था। मुहूर्त के अनुसार बहनों ने भाइयों के माथे में तिलक लगा कर और उनकी आरती उतारी। इसके बाद कलाई में राखी बांध कर उनसे रक्षा का संकल्प लिया। वहीं भाइयों ने बहनों को उपहार के स्वरूप वस्त्र, आभूषण और नकदी दिए। पुरोहितों ने यजमानों के घर जाकर उनको रक्षासूत्र बांध कर उनके उज्जवल भविष्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
बारिश में भी भीगते हुए बहनें भाइयों के घर और भाई बहनों के घर जा रहे थे। राबर्ट्सगंज नगर में स्थित रोडवेज और प्राइवेट बस स्टैंड में यात्रियों की भारी भीड़ रही। बसों समेत अन्य वाहनों में यात्रियों की खचाखच भीड़ रही। सुबह से ही मिठाई और राखी की दूकानों पर भीड़ रही। रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं ने विभिन्न प्रकार का व्यंजन बनाया था। शाहगंज, घोरावल, मधुपर, रामगढ़, सलखन और चोपन संवाददाता के अनुसार बुधवार की रात से ही रिमझिम बारिश हो रही है। इसके बावजूद गुरुवार को रक्षाबंधन पर्व क्षेत्र में धूमधाम से मना।
ग्रामीण इलाकों में वाहनों का साधन न होने की वजह से महिलाएं भीगते हुए पैदल मायके जा रही थी। उनके चेहरे पर सिर्फ भाइयों को राखी बांधने की खुशी दिखाई दे रही थी। बहनों ने भाइयों की सलामती के लिए गीत गाते हुए उनके कलाई पर नेह का डोर बांधा। बहनों ने भाई और भाई ने बहनों को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।