रेणुकूट। महिलाओं के बारे में धारणा है कि उनमें खून की कमी होती है और वह शारीरिक रुप से कमजोर होती है। इस मिथक को सोनभद्र की कई महिलाओं ने तोड़ दिया है। दूसरों की जान बचाने के जज्बे के साथ मातृशक्ति बढ़-चढ़कर रक्तदान में हिस्सा ले रही हैं। खुद तो रक्तदान कर ही रही हैं, दूसरों को भी इसके लिए जागरुक बना रही हैं। कई बार रक्तदान कर उन्होंने दूसरों का जीवन भी बचाया है। इन महिलाओं का कहना है कि नवरात्र के मौके पर हमें रक्तदान का संकल्प लेना चाहिए। इससे बड़ा पुण्य नहीं है।