मई में हुए आंदोलन के दौरान मिले आश्वासन के बाद भी आवास आवंटन सहित 15 सूत्री मांगों पर एनसीएल प्रबंधन की ओर से पहल न होती देख कोल इंडिया इंप्लाइज एसोसिएशन (सीटिया) ने फिर से आंदोलन की ताल ठोंक दी है। सोमवार को एनसीएल जोन महासचिव की ओर से ओर से एनसीएल प्रबंधन को पत्रक सौंप इसकी जानकारी भी दे दी गई।
पत्रक में 28 जुलाई से तीन अगस्त तक एनसीएल की सभी परियोजनाओं, इकाइयों, कर्मशालाओं में कार्यस्थल पर काला बिल्ला लगा प्रदर्शन और वर्क टू रूल कार्य का अल्टीमेटम दिया गया है।बीके पटेल, ककरी इकाई सचिव जितेंद्र वर्मा आदि का कहना था कि अवैध कब्जे वाले आवासों को खाली कराकर तथा खाली पड़े आवासों को तकनीकी कर्मियों को आवंटित करने, निगाही परियोजना की एलसीएच आवासीय कालोनी पर ओपी डंपिंग का खतरा मंडराने के कारण सुरक्षा दृष्टि से अन्यत्र आवास देने,
विद्युत और यांत्रिक विभाग में वेल्डर ट्रेड के कर्मियों को दो बार नियमितीकरण न करने, आईटीआई होल्डर आपरेटर की वेतन विसंगति दूर करने, तकनीकी कर्मी विरोधी मैन पावर बजट में संशोधन करने, तकनीकी कर्मियों से जाब के अनुरुप कार्य लेने, नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में सुबह-शाम दोनों समय ओपीडी सेवा संचालित करने आदि मसले को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है।
पिछले 27 मई को एनसीएल मुख्यालय पर प्रदर्शन कर भी आवाज उठाई गई थी। प्रबंधन की तरफ सकारात्मक पहल का आश्वासन भी मिला था लेकिन अभी तक किसी भी मांग पर ठोस पहल नहीं हुई है।