ओबरा। स्थानीय थानांतर्गत बिल्ली जंक्शन के सामने स्थित बस्ती में अनजान व्यक्तियों को शरण देना और साथ में भोजन करना एक परिवार के लिए भारी पड़ गया। अनजान व्यक्तियों ने खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया जिससे शरण देने वाला छह सदस्यीय परिवार समेत सात लोग अचेत हो गए। इसके बाद वो घर का माल समेटकर फरार हो गए। बुधवार की सुबह सभी को सीएचसी चोपन में भर्ती कराया गया। इनमें तीन की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी होने पर एसडीएम और सीओ ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।
मैहर मध्य प्रदेश निवासी मोहन बंसल रेलवे स्टेशन के समीप अपने परिवार के साथ झोपड़ी बनाकर रहते हैं। मोहन और उनके परिवार के लोग खनन क्षेत्र में मजदूरी का काम करते हैं। मंगलवार की शाम करीब छह बजे दो अनजान व्यक्ति उनके घर आए। खुद को व्यापारी बताया और सुबह ट्रेन पकड़ने की बात कही। उन्होंने परिवार से भोजन करने की इच्छा जाहिर की। परिवार ने खाना बनाया। घरवालों सहित पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति को भी उन्होंने भोजन खिलाया। भोजन करने के बाद रात में सभी अचेत हो गए। बंसल परिवार के लोग सुबह नहीं जगे तो पड़ोसियों ने उन्हें जगाने का प्रयास किया। सभी के बेहोश होने का पता चलने पर पड़ोसी उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन ले गए। यहां सुनीता (45), मनु (17) और खुशबू (14) की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं मोहन बंसल (50), ज्योति कुमारी (18), टीरु उर्फ सत्येंद्र (30) और पड़ोसी उपेंद्र (22) का इलाज चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया जा रहा है। उधर अनजान दोनों व्यक्ति घर का सामान चोरी कर फरार हो गए। घटना की सूचना पर ओबरा एसडीएम प्रकाश चंद, क्षेत्राधिकारी भाष्कर वर्मा, ओबरा थाना प्रभारी शैलेश राय ने मौके पर पहुंच जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि घर से कितना सामान चोरी हुआ है इसका पता परिवार के होश में आने पर ही चल पाएगा।