दुद्धी। प्रशासनिक कार्रवाई को चुनौती देने वाले अवैध अस्पताल के संचालक के आगे अब सरकारी तंत्र बेबस नजर आ रहा है। हाल यह है कि सील तोड़े जाने और उसी अस्पताल में मरीजों को भर्ती कर उपचार करने की पुष्टि होने के 36 घंटे बाद भी उसके खिलाफ कोई कड़ा कदम नहीं उठाया जा सका। सीएमओ का स्पष्ट कहना था कि उनकी ओर से अस्पताल को दोबारा सील कर दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई पुलिस-प्रशासन करे। वहीं दूसरी ओर पुलिस स्वास्थ्य विभाग से तहरीर का इंतजार करती रही। दुद्धी कस्बा के रामनगर स्थित नेशनल हेल्थ केयर हॉस्पिटल को प्रशासन की संयुक्त टीम ने 23 जून को सील किया था। मानक विहीन इस अस्पताल को सील होने के कुछ घंटे बाद ही फिर से चालू कर लिया गया। शिकायत के बाद शुक्रवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम जांच को पहुंची तो वहां भर्ती मरीजों और ऑपरेशन किए जाने की बात जानकर हैरान रह गई। इसे बड़ी गड़बड़ी मानते हुए अस्पताल को दोबारा सील कर दिया गया। यह दावा किया कि शनिवार को प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में जब शनिवार को सीएमओ डॉ. रमेश कुमार मिश्र से संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि विभागीय टीम ने अस्पताल को दोबारा सील कर दिया है। इससे ज्यादा उनकी ओर से क्या किया जा सकता है। पहले सील की कार्रवाई पुलिस-प्रशासन के अफसरों की मौजूदगी में हुई थी। अगर इसके बाद भी सील तोड़ा गया तो पुलिस-प्रशासन की भी जिम्मेदारी है कि सख्त कार्रवाई करें। उधर, कोतवाल धर्मेंद्र कुमार सिंह का कहना था कि वह उच्चाधिकारियों के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। अभी किसी की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि नेशनल हेल्थ केयर हॉस्पिटल को तीन माह पहले भी सील किया गया था। सीएचसी अधीक्षक ने संचालक पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी। उसके विरुद्ध पहले से भी कई मामले दर्ज हैं।