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Sonebhadra News: शिकायत करने पर डॉक्टर ने बंद किया इलाज तो पिता ने खुद की ड्रेसिंग

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जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग और ओटी में चिकित्सकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। डीएम और सीएमएस से डॉक्टर पर अच्छे से इलाज नहीं करने की शिकायत करने के बाद डॉक्टर दो दिन से दुर्घटना में घायल मरीज का उपचार बंद कर दिए हैं। घायल पुत्र को 15 दिन से लेकर अस्पताल में भर्ती पिता ने खुद से पुत्र की ड्रेसिंग की।
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जुगैल के जमगल निवासी बाबूलाल का बेटा कृष्ण कुमार सड़क हादसे में घायल को गया था। वह 25 सितंबर से जिला अस्पताल में भर्ती है। इस बीच सीएमएस और फिर डीएम को सोमवार को प्रार्थना पत्र सौंपकर बाबूलाल ने अस्पताल के सह आचार्य पर गंभीर आरोप लगाया था। बताया कि ऑपरेशन के बदले 40 हजार की डिमांड की जा रही है। जो सामग्री मंगानी है उसकी बाजार में कीमत काफी कम है। वह तीस हजार देने को तैयार हैं। उसे परेशान किया जा रहा है। बेटे की एक उंगली भी बेहतर उपचार न होने से सड़कर निकल गई।
आरोप है कि शिकायत के बाद उसे रेफर जाने का दबाव बनाया जाने लगा। वहीं तेज दर्द के बावजूद नाराज चिकित्सक और स्टाफ ने सोमवार से दवा-इलाज भी बंद कर दिया। हताश पिता ने मंगलवार को एक बार फिर से डीएम कार्यालय पहुंच कर मदद की गुहार लगाई। बताया कि डीएम ने चिकित्सकों से स्टीमेट लिखवाकर लाने के लिए कहा है, जिससे प्रशासन अपने स्तर से पार्ट्स उपलब्ध करा दे। हालांकि चिकित्सक कुछ भी लिखित देने को तैयार नहीं हैं। इसके लिए वह मंगलवार को ही सीएमएस से भी मिले। हालांकि वहां भी सिर्फ आश्वासन मिला। आरोप है कि रविवार की रात से बेटे का उपचार बंद कर दिया गया है। तीन दिन से ड्रेसिंग भी नहीं हो रही है। ऐसे में मंगलवार को उसने खुद अपने हाथ से पुत्र की ड्रेसिंग की।
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ऑपरेशन के लिए रुपये मांगने का आरोप
ओबरा के परसोई निवासी मंतोरिया 70 कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती है। उसे सोमवार को ओटी में ले जाया गया। मगर ऑपरेशन नहीं हुआ। पैर में सड़न होती जा रही है। बताया कि जिसने पैसा दिया उसका काम हो गया। ओटी में उससे पैसे की मांग की गई। बताया कि जो पैसे नहीं दे रहा है, उसका काम सही से नहीं हो रहा है। हाथ का कैनूला भी निकला है। कोई लगा नहींं रहा। मंगलवार की भोर में कुछ लोग आए थे। जो गाड़ी आने की बात कर दूसरे अस्पताल ले जाने को बोल रहे थे।
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