स्थानांतरण नीति में बदलाव करने समेत अन्य मांगों को लेकर चौथे दिन शुक्रवार को भी कलेक्ट्रेट में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपालों का धरना-प्रदर्शन जारी रहा। लेखपालों के कामकाज ठप करने से भूमि संबंधी विवादों का हल नहीं हो रहा। हक की लड़ाई लड़ने के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करने का लेखपालों ने ऐलान किया।
सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्षता कर रहे सुरेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसपी विसगंति दूर की जाए। उन्होंने कहा कि अविलंब मांगें पूरी न होने पर लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए साथी तैयार है। अवधेश तिवारी, शिव शंकर, वृज बिहारी मौर्य और विष्णु दूबे ने कहा कि लेखपाल संवर्ग का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक एवं शैक्षिक योग्यता स्नातक करते हुए प्रारंभिक वेतनमान 5200-20204 ग्रेडपे 2800 किया जाए।
कहा कि पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक तैनात हो। ताकि शासन के मंशानुसार निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य किया जा सकें। ज्योति कुमार गुप्ता, गोपाल निराला, रामआसरे, चंद्रकांत दूबे और अरुण कन्नौजिया ने कहा कि राजस्व परिषद के अनुसार राजस्व निरीक्षक कार्यालय के 626 पदों का सृजन किया जाए और राजस्व निरीक्षक प्रोन्नति एवं नायब तहसीदार प्रोन्नति हेतु राजस्व परिषद के प्रस्ताव के अनुसार नियमावली में संशोधन किया जाए।
ओमप्रकाश चतुर्वेदी, अनिल कुमार, गोविंद श्रीवास्तव, सुरेश चंद्र पांडेय, रामविलास और रामचंद्र ने कहा कि शासन की ओर से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सभी लेखपालों को लैपटॉप मुहैया कराया जाए। इस मौके पर अरविंद चौबे, ओमप्रकाश सिंह, ह्देश कुमार, रामलोटन, कुंदनराम, संजीव कुमार, रमेश मिश्रा, सरजू यादव, रविंद्र, लक्ष्मण आदि रहे।