हाईवे पर रेलवे ब्रिज के नीचे भारी जलभराव से इस बारिश में तीसरी बार वाहनों की रफ्तार थम गई। स्थिति ऐसी बनी कि छोटे बड़े वाहनों के साथ बाइक सवारों को भी पानी के उतार का घंटों इंतजार करना पड़ा।
शक्तिनगर से मध्यप्रदेश को जोड़ने वाला मुख्य व वैकल्पिक मार्ग गड्ढों व जलभराव से पूरी तरह खस्ताहाल हो चुका है।
बीते साल बारिश में मुख्य मार्ग पर बनी जलभराव की स्थिति पर वाहनों को खड़िया-कोटा-तेलगवां शक्तिनगर वैकल्पिक मार्ग के जरिए निकाल स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की गई थी। इस साल दोनों मार्ग बदहाल हो चुके हैं। रहवासियों का कहना है कि सड़कों पर गंभीरता नहीं दिखाई गई तो बारिश में शक्तिनगर का संपर्क टूट सकता है।
बीते दिनों सीटू के पदाधिकारी व विस्थापित नेता शैलेंद्र चौबे व पंकज शुक्ला ने इस समस्या पर डीएम को पत्र लिखा था। आरोप लगाया कि पावर प्रोजेक्ट के राख बांध से निकलने वाले ओवरलोड ट्रकों के चलते वैकल्पिक बायपास सड़क पूरी तरह टूट गई है। इस पर शक्तिनगर के प्रभारी निरीक्षक कुमुद शेखर सिंह ने पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन के अधिकारियों को आगाह किया और पूरी जानकारी एसडीएम को दी।
इसके बाद वैकल्पिक मार्ग पर कार्य शुरू हुआ लेकिन पूरा नहीं हो पाया। हाईवे पर स्थित रेलवे ब्रिज के नीचे भी कुछ ऐसी ही स्थिति है। जलजमाव पर रेलवे अधिकारियों ने एनसीएल को आगाह किया तो निकासी के रास्तों पर मशीन लगाकर कोरम पूरा करा दिया गया। यही वजह है कि समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो सका।