केकराही (सोनभद्र)। सोन लिफ्ट पंप कैनाल के तीन पंप को चालू करके घाघर मुख्य नहर में पानी छोड़ा जा रहा है। नहर में पानी छोड़े जाने से नहर के आसपास के गांव के ग्रामीणों को सहूलियत होगी। क्षेत्र में तालाब, पोखर सूखने से पशुपालक परेशान हो गए थे। जलस्तर खिसकने से जहां पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक लोगों को भटकना पड़ रहा है तो वहीं पानी बिन पशु-पक्षी भी बेहाल नजर आ रहे थे, जिससे पशुपालकों को भी चिंता सताने लगी थी।
क्षेत्र के ग्राम पंचायत खैराही, भदोही, बबूराही आदि गांव में पानी की किल्लत से जनमानस जूझ रहा है। कहीं-कहीं पानी टैंकर से सप्लाई तो हो रही है, लेकिन कहीं पर समस्याएं जस की तस बनी है। इसके अलावा पशुओं को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा था। क्षेत्र में पशु पक्षी को पानी का एकमात्र साधन मुख्य नहर घाघर है और इससे निकलने वाले रजवाहा व माइनर हैं।
पानी की समस्या को लेकर अमर उजाला ने प्राथमिकता से पिछले दिनों खबर प्रकाशित किया था। इसी को ध्यान में रखते हुए 22 अप्रैल को सोन लिफ्ट के तीन पंप से घाघर मुख्य नहर में पानी खोला गया है। इस पर पशुपालक गोपाल यादव, रामपति यादव, पखंडू यादव, मुतुरी, बच्चा यादव, नरेश, जोखन, लालता यादव आदि का कहना है कि एक-दो दिन मेंक्षेत्र में पानी पहुंचने पर पशुओं को पानी उपलब्ध हो सकेगा। मिर्जापुर नहर प्रखंड के एसडीओ राजीव प्रसाद ने बताया कि घाघर मुख्य नहर में 22 अप्रैल से सोन लिफ्ट का तीन पंप खोल दिया गया है। सभी माइनरों, रजवाहों में धीरे-धीरे दो-तीन दिन में पानी पहुंच जाएगा।