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Sonebhadra News: भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए 225 ग्राम पंचायतों में बनेगी वाटर रिचार्जिंग पिट

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भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए अब ग्राम पंचायतों में वाटर रिचार्जिंग पिट बनाई जाएगी। प्रशासन की तरफ से पहले चरण में कुल 225 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इन गांवों में वर्षा जल के साथ-साथ गांवों से नालियों के लिए निकलने वाले प्रदूषित (वेस्ट) पानी को फिल्टर करने के बाद उसका प्रयोग भू-जल स्तर बढ़ाने में किया जाएगा। पिट के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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सोनांचल में भू-जल दोहन जारी है। इससे भू-जल स्तर लगातार नीचे सिखक रहा है। एक दशक पहले तक जहां 50 से 100 फीट तक की गहराई में बोर करने पर पर्याप्त पानी मिल जाता था, वहीं अब 150 फीट के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है। कई गांवों में पीने के पानी के लिए 600 फीट से भी गहरे बोर हो रहे हैं। गर्मी के दिनों में जिले के 300 से अधिक गांवों में पेयजल की समस्या बढ़ जाती है और टैंकर से पानी आपूर्ति करनी पड़ती है। भू-जल के अनियमित दोहन से कई ब्लॉक क्रिटिकल और सेमी क्रिटिकल जोन में शामिल हो गए हैं। हालांकि भू-जल स्तर बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रशासन की तरफ से काम चल रहा है। इसके तहत कई गांवों में टंकी का निर्माण कराया गया और सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए। अब ग्राम पंचायतों में वॉटर रिचार्जिंग पिट का निर्माण कराया जाना है। सर्वे करते हुए इसके लिए 225 ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया गया है। जहां वॉटर रिचार्जिंग पिट बनाने की कार्रवाई भी अब तेज हो गई है। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। टेंडर पूरा होने के साथ ही काम भी शुरू हो जाएगा।
1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का पानी होगा संग्रहित
वॉटर रिचार्जिंग पिट में 150 वर्ग मीटर क्षेत्रफल से लेकर 1000 वर्ग मीटर तक के क्षेत्र में पानी संग्रहित किया जाएगा। इसके लिए कई जगह छोटे-छोटे और एक जगह बड़ी पिट बनाई जाएगी, जिसके जरिए भूजल रिचार्ज किया जाएगा। नालियों का पानी शुद्ध करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की जाएगी।
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मच्छर जनित बीमारियां होंगी कम
जिन ग्राम पंचायतों में वॉटर रिचार्जिंग पिट बनाई जाएगी, उन गांवों में पानी का जहां-तहां जमाव नहीं हो जाएगा। इससे मच्छर जनित बीमारियों से भी बचा जा सकेगा। इसका संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जाएगा।
जिले के 225 गांवों में वॉटर रिचार्जिंग पिट बनाई जाएगी। इसके लिए गर्मी के दिनों में ही ग्राम पंचायतों का सर्वे किया गया था। अब टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। एक वॉटर रिचार्जिंग पिट के निर्माण पर से 30 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक की लागत आएगी। इसमें छोटे-बड़े दो तहत के पिट बनाए जाने हैं। -सर्वेश उपाध्याय, अवर अभियंता, यूपी एग्रो।
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