जिले में पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से नदी, नाले और जलाशयों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक बाढ़ की चपेट में आने वाले 101 गांवों की सूची तैयार हुई है। इन गांवों के प्रधान और लेखपालों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। वहां जीवनोपयोगी आवश्यक वस्तुओं का प्रबंध करने को भी कहा गया है।
जिले में पांच दिन पूर्व ही मानसून ने दस्तक दे दिया है। शुक्रवार को भी रुक रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश से जिले से होकर गुजरने वाली सोन नदी के अलावा बेलन, बकहर, विजुल, रेणु, कनहर, मलिया, घाघर, डोल नदी के साथ ही रिहंद, धंधरौल जलाशय, नगवा डैम समेत अन्य जलाशयों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसके मद्देनजर डीएम अभिषेक सिंह ने सदर एसडीएम डॉ. केएस पांडेय, घोरावल एसडीएम जैनेंद्र सिंह, ओबरा एसडीएम प्रकाश चंद्र और दुद्धी एसडीएम रमेश कुमार को बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों की सूची तैयार कराने का निर्देश दिया है। गोताखोरों के संपर्क में भी रहने को कहा गया है। अभी तक चारों तहसीलों के एसडीएम ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले 101 गांवों की सूची उपलब्ध कराई है।
कंट्रोल रूम स्थापित
प्रशासन की ओर से बाढ़ की उत्पन्न होने वाली समस्याओं के बारे में सूचना देने के लिए कंट्रोल रूम खुलवाया है। कोई भी व्यक्ति सोन नदी का जलस्तर 171.00 मीटर होने और बेलन नदी में बाढ़ आने की सूचना कलेक्ट्रेट में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के नंबर 05444-222030 पर दे सकता है। बंधी प्रखंड द्वितीय राबर्ट्सगंज के कार्यालय में खोले गए बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 05444-222048 पर भी सूचना दे सकता है। 15 जून से ही कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है।
जिले में बाढ़ से प्रभावित होने वाले 101 गांवों की सूची प्राप्त हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए सभी एसडीएम को बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों के लेखपालों, ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सचिवों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि बाढ़ की स्थिति बनने पर तत्काल सूचना मिल सकें। - योगेंद्र बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी, सोनभद्र।