करीब 47 वर्षाें में बनकर तैयार हुए कनहर बांध ने दूसरी बरसात में ही अधिकतम जलस्तर का रिकार्ड बना दिया है। छत्तीसगढ़ व झारखंड में भारी वर्षा के कारण बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार पानी आने से शनिवार की शाम बांध का जलस्तर 256.3 मीटर तक पहुंच गया था।
बांध पर पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए 30 घंटे से सभी 16 गेट खोलकर पानी निकाला जा रहा है। इसके चलते जलस्तर में थोड़ी कमी आई है। रविवार की शाम बांध का जलस्तर यह 252.6 मीटर दर्ज किया गया है। बांध के गेट अभी भी खुले हुए हैं।
यूपी, झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा पर 1976 में कनहर बांध का निर्माण शुरू हुआ था। वर्ष 2023 से बांध में पानी भरना शुरू किया गया। पिछले साल तीन अगस्त 2023 को अधिकतम जलस्तर 253.7 मीटर तक पहुंचा था। इस बार दूसरे साल में ही बांध का जलस्तर 256.3 मीटर तक पहुंच गया है।
नवीन बांध होने के कारण इसमें 251.3 मीटर ही पानी भंडारित करने का निर्देश है। लिहाजा बांध के सभी फाटक खोलकर लगातार पानी बहाया जा रहा है। पिछले 30 घंटे से सभी 16 गेट खुले होने के बाद भी रविवार की शाम जलस्तर निर्धारित क्षमता से ऊपर बना हुआ है।
फ्लड कंट्रोल रूम से अरविंद द्विवेदी ने बताया कि रविवार की दोपहर बारह बजे तक 253 मीटर, एक बजे तक 252.9 और शाम छह बजे जलस्तर 252.6 मीटर रहा। तहसील प्रशासन के साथ सिंचाई विभाग के अफसर कंट्रोल रूम से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एसडीएम सुरेश राय ने बांध पर पहुंचकर जायजा लिया। हर घंटे अपडेट देने के निर्देश दिए।
डूब क्षेत्र से चार परिवारों को हटाया
कनहर बांध में बढ़ते जलस्तर को देखते ही प्रशासन डूब क्षेत्र में सतर्क हो गया है। डूब क्षेत्र के भिसुर व कोरची गांव में निवास कर रहे लोगों को रात्रि साढ़े 11 बजे तक बाहर निकाल दिया गया। तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र नाथ पांडेय, सहायक अभियंता रवि श्रीवास्तव, टीएन झा, जेई नंदलाल यादव, प्रभारी निरीक्षक दुद्धी मनोज कुमार सिंह, अमवार चौकी इंचार्ज मनोज सिंह ने फोर्स के साथ गांव में पहुंचकर वहां रह रहे चार परिवारों को बाहर निकलवाया। तहसीलदार ने बताया कि बाढ़ का पानी तेजी से आ रहा है, इसलिए डूब क्षेत्र को खाली कराया गया है। सभी हटाए गए लोगों को भिसुर स्कूल पर शिफ्ट किया गया है। भिसुर गांव निवासी राम सिंह, राम प्रकाश, राम आधार, राम नेवाज ने बताया कि मुआवजा नहीं मिला है। हमारी सभी गृहस्थी हटा दी गई।