पिछले चार दिनों में हुई तेज बारिश ने जिले के बांध-बंधियों में पानी की कमी दूर कर दी है। महज चार दिनों में ही जिले में औसत 107 एमएम वर्षा दर्ज की गई है।
यह जून-जुलाई में हुई कुल 191.25 एमएम वर्षा के आधे से भी ज्यादा है। भारी वर्षा के कारण सोन नदी खतरे के निशान के पास तक पहुंच गई है। कनहर और उसकी सहायक नदियों में भी पानी तेजी से बढ़ा है। रिहंद बांध के अलावा ओबरा, धंधरौल और नगवां बांध में भी भरपूर पानी हो गया है। अभी मानसून का आधा सीजन बाकी है।
जिले में मानसून का आगमन जून के तीसरे सप्ताह के आसपास माना जाता है। सोनभद्र के रास्ते पूर्वांचल में प्रवेश करते हुए मानसून पूरे यूपी में पहुंचता है। इस बार मानसून कुछ देर से आया। इसके चलते ही जून-जुलाई में अच्छी बारिश नहीं हो सकी। जिले में जून माह में मानक औसत वर्षा 104.5 एमएम है।
इसके सापेक्ष इस बार सिर्फ 37 एमएम की वर्षा हुई थी। वहीं जुलाई में 334 एमएम मानक वर्षा की तुलना में 154.25 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई थी। इसमें भी अकेले 22 एमएम औसत वर्षा सिर्फ जुलाई के अंतिम दिन हुई थी। 31 जुलाई से शुरू हुई बरसात रुक-रुककर जारी है।
दो और तीन अगस्त को पूरे दिन वर्षा होती रही। आपदा कंट्रोल रूम में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक दो अगस्त की सुबह आठ बजे से तीन अगस्त की सुबह तक पूरे जिले में 28.25 एमएम औसत वर्षा दर्ज की गई थी। वहीं तीन अगस्त की सुबह आठ बजे से चार अगस्त की सुबह आठ बजे तक दर्ज हुई वर्षा 56.5 एमएम रही।
इस तरह तीन दिनों में 107 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई है। बारिश के कारण पहाड़ी नदियाें और नालों में पानी तेजी से बढ़ा है। इसके चलते उससे संबंधित बांधों के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
खतरे के निशान को पार कर गया सोन नदी का जलस्तर
मप्र में हुई भारी बारिश के कारण सोन नदी में काफी मात्रा में पानी आ गया है। इससे नदी के बहाव में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। चोपन में सोमेश्वर महादेव घाट पूरी तरह से जलमग्न हो गया। रेलवे का पंप हाउस भी पानी में डूब गया है।
एहतियात के तौर पर पंप को बाहर निकाल लिया गया है। इससे रेलवे की जलापूर्ति पर भी असर पड़ने की संभावना है। रविवार की शाम चोपन में बने गेज मीटर पर सोन नदी का जलस्तर 171.3 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 171 मीटर है। नदी में प्रति घंटे 30 सेमी की रफ्तार से बढ़ाव जारी था।
रेलवे के आईओडब्ल्यू आरबी पाल ने बताया कि पंप हाउस में पानी आने के कारण चोपन रेलवे स्टेशन पर कोचिंग गाड़ियों में पानी की सप्लाई नहीं हो पाएगी। यात्रियों को पीने के लिए और रेलवे आवासों में जलापूर्ति के लिए अभी पानी टंकी में है। अगर पानी नहीं घटा तो परेशानी होगी।