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जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए आएं आगे

Mon, 18 May 2015 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो। सोनभद्र
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विंध्य जन आंदोलन के तत्वावधान में सोमवार को निगरी स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल के मैदान में ‘खेत बचाओ-गांव बचाओ’ सम्मेलन का आयोजन किया गया। बतौर मुख्य अतिथि नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रणेता मेधा पाटेकर ने जल, जंगल, जमीन और रोजगार को मौलिक अधिकार बताया। कहा कि इसकी रक्षा के लिए लोगों को आगे आना होगा।
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निगरी स्थित जेपी समूह के पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि मप्र सरकार पूरे राज्य की जमीन कारपोरेट जगत को देने के लिए तैयार बैठी है।

नदियों के सतत प्रवाह को जहां-तहां रोकने की मुहिम चल रही है। बेतरतीब खनन आदि के जरिए नदियों के प्राकृतिक सौंदर्य को भी बिगाड़ा जा रहा है। कहा कि इन चीजों को रोकने के लिए सशक्त सत्याग्रह की जरूरत है। किसान संघर्ष समिति के नेता एवं पूर्व विधायक डा. सुनीलम ने कहा कि विस्थापन और बेदखली के विरोध में पूरे देश में भूमि अधिकार आंदोलन चलाया जा रहा है। यह पूरी तरह से आम जनता का आंदोलन है। कहा कि सिंगरौली से लेकर विंध्य क्षेत्र ही नहीं, पूरा देश खतरे में है।

अडानी से लेकर अंबानी तक आम जनता के हक को कुचलने में लगे हुए हैं। भाकपा के मप्र सचिव अरविंद श्रीवास्तव, किसान आदिवासी विस्थापित एकता मंच के कार्यकर्ता रवि शेखर ने कहा कि सिंगरौली के साथ उपनिवेशवादी व्यवहार किया जा रहा है।
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भारतीय किसान यूनियन के ईश्वरचंद त्रिपाठी, उर्जांचल विस्थापित एवं कामगार यूनियन के संजय नामदेव, लोकविद्या जन आंदोलन की  एकता, अमृता सेवा संस्थान की सचिव मंजू सिंह, भाकपा नेता सुंदर सिंह, रामलल्लू गुप्ता ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता उमेश तिवारी ने की।
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