तहसील क्षेत्र के बेलवनिया गांव में मंगलवार शाम नकटी बंधी टूट जाने से गांव में पानी घुस गया। अचानक पानी का बहाव बढ़ने से आसपास बसे करीब 15 घरों में पानी भर गया। इससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। पीड़ित परिवारों के लिए लंच पैकेट और राहत सामग्री की भी व्यवस्था की गई।
बंधी टूटने से हुकुम अली, अब्बू हुसैन, बंधु, तौलन, आजाद, छोटेलाल, भरत लाल, नखडू, बबुंदर, अमृतलाल, बाबूलाल, बब्बू, चंदा, छोटक और राजेश के परिवार प्रभावित हुए हैं। जानकारी मिलते ही एसडीएम विशाल कुमार, तहसीलदार प्रवीण कुमार सिंह, राजस्व लेखपाल सुरेंद्र गुप्ता, संतोष सिंह, प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह, ग्राम प्रधान संत कुमार और पूर्व प्रधान प्रीतम नारायण सिंह सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था कराई।इधर, गांव में पानी भरने की जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया। सीएमओ और एसडीएम के निर्देश पर घोरावल सीएचसी के अधीक्षक डॉ. नरेंद्र सरोज ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बेलवनिया भेजा। टीम ने प्रभावित लोगों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि सभी 15 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। प्रभावित मकानों का निरीक्षण करा लिया गया है। नियमानुसार पात्र परिवारों को क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी।
भरौली गांव में भरभराकर गिरा कच्चा मकान
कोतवाली क्षेत्र के भरौली गांव में लगातार हो रही बारिश के बीच मंगलवार को एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान विजय कुमार का बताया गया है। घर में रखा गृहस्थी का सामान, बर्तन, कपड़े, बिस्तर समेत अन्य जरूरी सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। मकान गिरने के बाद पीड़ित परिवार ने इसकी सूचना घोरावल तहसील प्रशासन को दी। सूचना मिलने पर हल्का लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और क्षति का जायजा लिया। मकान गिरने से पीड़ित परिवार को करीब 50 हजार रुपये की आर्थिक क्षति हुई है।
ओवरफ्लो हुई बिल्ली गांव बंधी, पानी रिसाव से बढ़ा खतरा
बिल्ली गांव स्थित बंधी लबालब भर गई है। अब पानी ओवरफ्लो होकर आसपास की सड़कों पर बह रहा है। बंधी में कई जगह रिसाव होने से बंधी के टूटने का खतरा बढ़ गया है जिससे बड़े आबादी क्षेत्र के प्रभावित होने का भी खतरा उत्पन्न हो गया है। सड़क पर पानी जमा होने के कारण राहगीरों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक बंधी के आसपास लंबे समय से हो रहे निर्माण और अतिक्रमण के कारण उसका मूल स्वरूप लगातार प्रभावित हो रहा है। कई हिस्सों में पक्के मकान और अन्य निर्माण होने से बंधी का फैलाव क्षेत्र कम हुआ है। इसके साथ ही पानी की निकासी के पुराने रास्ते भी बाधित हो गए हैं।