जिले में तेजी से भू जलस्तर नीचे खिसकने से करीब 132 गांवों में पानी का संकट उत्पन्न हो गया है। चिह्नित गांवों के अधिकांश कूप सूख गए है और हैंडपंपों ने पानी उगलना बंद कर दिया है। इस नाते ग्रामीणों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। हालांकि राजस्वकर्मियों के रिपोर्ट पर जल निगम ने वरीयता के आधार पर 19 गांवों में टैंकरों से पेयजलापूर्ति शुरू करा दी है।
सूबे के एक छोर पर बसे अतिनक्सल प्रभावित सोनभद्र जिले का अधिकांश क्षेत्रफल पहाड़ों और वनों से आच्छादित है। इस नाते गर्मी का आगाज होते ही पहाड़ी क्षेत्रों के गांवों में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप पानी देना बंद कर देते हैं, वहीं कूप सूख जाते हैं। इसमें राबर्ट्सगंज नगर और आसपास के गांव भी शामिल है। हालांकि सर्वाधिक घोरावल ब्लॉक के गांवों में पानी की समस्या होती है।
जल निगम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक राबर्ट्सगंज ब्लॉक के करीब 45, घोरावल ब्लॉक के 56 और दुद्धी तहसील क्षेत्र के 34 गांवों में पेयजल की किल्लत शुरू हो गई है। चिह्नित इन गांवों में एक-दो हैंडपंपों को छोड़ कर सभी ने पानी उगलना देना बंद कर दिया है। जिनमें पानी भ्ाी आ रहा है तो वह भ्ाी बालू मिला हुआ है।
हालांकि वर्तमान मेें जल निगम ने सदर ब्लॉक के उरमौरा, लोढ़ी, चुर्क, रौप, बहुआर, बसौली, गोरारी, सहिजन खुर्द, बिचपई, सिंधोरा, भडऱा खुर्द, मुठेर, कमोजी, कम्हारी, निपराज, चोपन ब्लॉक के बडग़वां और घोरावल ब्लॉक केे शिव मंदिर और दुगौलिया गांव में टैंकरों से पेयजलापूर्ति शुरू करा दी है। इससे लोगों को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन अन्य स्थानों पर समस्या विकराल हो गई है। जल निगम के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार बंसल का कहना है पेयजल की समस्या से जूझ रहे अन्य गांवों में भी शीघ्र टैंकरों से पेयजलापूर्ति शुरू कराई जाएगी।