जिले में उल्टी-दस्त का प्रकोप थम नहीं रहा। विभिन्न गांवों में आए दिन लोग इससे पीड़ित हो रहे हैं। शनिवार की रात चोपन में दो और नगवां ब्लॉक क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत डायरिया से हो गई जबकि कई अन्य बीमार हैं। कुछ का उपचार सीएचसी में तो कुछ का प्राइवेट नर्सिंगहोमों में उपचार हो रहा। इसके बाद भी स्वास्थ्य महकमा संवेदनहीन बना हुआ है। ग्रामीणों की सूचना के बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में विभागीय टीम मौके पर नहीं पहुंच रही।
बारिश और मौसम परिवर्तन के बावजूद स्वास्थ्य विभाग दवाओं का छिड़काव नहीं कर रहा, जिसका प्रभाव लोगों पर पड़ रहा है। चोपन प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक के निंगा गांव में शनिवार की शाम से ही कई लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए। इससे संत कुमार (18) पुत्र रामसुमेर की शनिवार की रात चोपन अस्पताल में मौत हो गई वहीं बरहमोरी गांव निवासी प्रेमलाल (6) पुत्र सुग्रीव की तीन दिन पूर्व गांव में ही मौत हो गई। उधर विनोद (10), रामकुमार (8) चोपन अस्पताल में भर्ती हैं।
इसके साथ ही सविता (23) पत्नी शिव कुमार निवासी निंगा, जोखनी (70) पत्नी बालगोविंद ग्राम बघनारी, मानमती पत्नी मोहन रेक्सहवां टोला डाला, राम सिंह (52) पुत्र जगत निवासी अरंगी चोपन, जयप्रकाश (6) पुत्र रामकुमार निवासी वसुधा, बसंत (80) पुत्र जय सिंह का भी उपचार चोपन सीएचसी में हो रहा। मरीजों ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्था बिल्कुल खराब है। यहां रोगियों के लिए न तो शुद्ध जल की व्यवस्था है और न ही समय-समय पर ड्रिप ही चढ़ाया जा रहा है।
खलियारी प्रतिनिधि के अनुसार नगवां ब्लॉक के गंगवा गांव में शनिवार की शाम डायरिया से राजकुमारी (30) पत्नी संतोष की मौत हो गई। जबकि गांव की अतवारी (50), रामखेलावन (55), शिवकुमार (7), जवाहिर (55) का उपचार ढोसरा गांव स्थित एक प्राइवेट डाक्टर के यहां कराया जा रहा। सूचना के बावजूद गांव में चिकित्सकों की टीम नहीं पहुंची।