राज्य सेक्टर में लगातार19 दिनों से बड़े स्तर पर जारी थर्मल बैकिंग को लेकर विरोध का स्वर तेज होता जा रहा है। बुधवार को आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट के नेताओं ने अभियंताओं से मुलाकात कर इसके कारण और इससे हो रहे नुकसान के बारे में जानकारी की।
स्वराज अभियान के जय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय सह संयोजक अजीत सिंह यादव ने आरोप लागाते हुए कहा कि थर्मल बैकिंग के जरिए, निजी कंपनियों से महंगी बिजली खरीदी जा रही है। आइपीएफ के प्रदेश महासचिव दिनकर कपूर ने कहा कि पूरे देश में राजनीतिक माफियाओं ने सभी प्राकृतिक-आर्थिक संसाधनों पर कब्जा कर लिया है। ओबरा परियोजना की दुर्दशा इसका उदाहरण है। संविदा श्रमिकों की नौकरी पक्की करने, समान काम का समान वेतन देने को लेकर आवाज उठाई गई। यूपी वर्कर्स फ्रंट के प्रदेश महामंत्री राजेश सचान, ठेका मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सुरेंद्र पाल, मुश्ताक अहमद, तेजधारी गुप्ता, सुभाष केवट आदि मौजूद रहे। बताते चलें कि कि राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ, आल इंडिया इंजीनियर फेडरेशन, राज्य उत्पादन निगम अधिकारी एसोसिशन इसको लेकर कड़ा एतराज जता चुका है। इसके बाद अनपरा-ओबरा मेें तो बैकिंग रूक गई लेकिन लगातार 19वें दिन जहां 210 मेगावाट की पनकी और 1140 मेगावाट की पारीक्षा परियोजना में उत्पादन शून्य बना हुआ है। 665 मेगावाट की हरदुआगंज में अभी भी उत्पादन 172 मेगावाट है।