राबर्ट्सगंज के संत कीनाराम महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को स्वामी विवेकानंद के 153वें जन्मदिन पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. गोपाल सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का श्रेय स्वामी विवेकानंद को जाता है। उन्होंने युवाओं को दिशा दिखाने का कार्य किया था।
प्राचार्य ने कहा कि 1893 को शिकांगो विश्व धर्म परिषद में भारत के प्रतिनिधि बनकर स्वामी विवेकानंद गए थे। जब उन्हें वहां पर बोलने का अवसर मिला तो स्वामी जी ने बहिनों एवं भाइयों कहकर सभी के दिलों पर अपनी जगह बना ली।इसी का नतीजा रहा कि सात समुंदर पार भारतीय संस्कृति के ध्वज को फहराया।
स्वामी जी का आदर्श उठो जागो और तब तक न रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए। इसके पूर्व प्राचार्य ने दीप जला एवं मां सरस्वती, बाबा कीनाराम और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर गोष्ठी का शुभारंभ किया।
इस मौके पर छात्राएं अनुराधा पाठक, उषा पांडेय, नेहा चंदेल, दिव्या त्रिपाठी, कृष्णा सोनकर, प्रभा मिश्रा, अनुपमा दुबे, शिवानी विश्वकर्मा, श्रुति सिंह, प्रियंका चौबे आदि ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर डॉ. सुषमा सिंह, सव्या, योगेश कुमार सिंह, वीणा पांडेय, संध्या मौर्या, अजीत त्रिपाठी, डॉ. आरपी मौर्या, हरीश सिंह, डॉ. देवेंद्र लाल आदि रही। उधर राबर्ट्सगंज स्थित नेहरू युवा केंद्र सभागार में स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई गई।
डाला प्रतिनिधि के मुताबिक- डाला तिवारी कटरा में स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर पवन कुमार, महेश सोनी, धीरेंद्र प्रताप सिंह, गिरीश तिवारी, संदीप सिंह, पारस यादव, पप्पू ,अजय बैसवार, प्रदीप, दीपक, संदीप, राजनाथ आदि रहे।