डीआईओएस कार्यालय पर धरना के दौरान हुई सभा में मुख्य वक्ता विधान परिषद सदस्य चेतनारायण सिंह ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षक मानदेय की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इस पर सरकार से कई पक्ष की वार्ता हो चुकी है। पूर्व में यूपी सरकार से इन शिक्षकों को मानदेय देने पर सहमति बनी थी और भरोसा दिलाया गया था कि इसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा अब तक नहीं किया गया। उन्होंने पूर्व के संघर्षों और शिक्षकों के जेल भरो आंदोलन की याद दिलाई। कहा कि मुख्यमंत्री ने मूल्यांकन कार्य के बहिष्कार के दौरान शिक्षकों के केंद्रीय नेतृत्व से वादा किया था कि वित्त विहीन शिक्षकों को मानदेय, सवित्त शिक्षकों के विनियमितीकरण, सीटी और एलटी की विसंगति दूर करने तथा मूल्यांकन पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा। इसमें से सवित्त शिक्षकों का विनियमितीकरण और मूल्यांकन पारिश्रमिक में बढ़ोत्तरी का वादा तो सरकार ने पूरा कर दिया लेकिन अब तक वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय नहीं लागू किया गया। कहा कि सरकार की यह वादा खिलाफी निंदनीय है। मुख्यमंत्री ने वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय पर कोई कार्य नहीं किया।
जिलाध्यक्ष नंदलाल शुक्ला ने कहा कि यूपी सरकार शिक्षकों को हितों को लेकर गंभीर नहीं है। यदि सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो आने वाले विधानसभा चुनाव में शिक्षक इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। प्रदर्शन के बाद डीआईओएस को ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर डा. सुरेश प्रसाद यादव, गुलाब राय, अनिल सिंह, पंकज पांडेय, रविंद्र देव पांडेय, हर गोविंद पांडेय, रमेश चंद्र पांडेय, दिवाकर उपाध्याय, विजेेंद्र पांडेय, आशीष पांडेय, सुभाग सिंह, अनिल द्विवेदी, प्रद्युम्न पांडेय, बीएन यादव मौजूद रहे।