सामूहिक विवाह योजना में तीन जोड़ों की दोबारा शादी कराने के मामले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की लापरवाही सामने आई है। गांव में गए बिना ही सत्यापन की रिपोर्ट लगाते हुए तीनों को पात्र ठहरा दिया गया था।
जांच में सच्चाई सामने आने के बाद बीडीओ ने कार्रवाई की संस्तुति के साथ उच्चाधिकारियों को पत्र प्रेषित किया है। उधर, तीनों अपात्र जोड़ों को योजना के तहत दिए गए उपहार देर रात वापस ले लिए गए।
सुबह उनके परिजनों ने ब्लॉक कार्यालय पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया। अफसरों को खूब खरी-खोटी सुनाई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सोमवार को तहसील स्तरीय समारोहों में 443 जोड़ों की शादी कराई गई थी।
चोपन के रेलवे फुटबाल मैदान में ओबरा तहसील क्षेत्र के 86 जोड़ों ने सात फेरे लिए। इसमें तीन जोड़े ऐसे भी रहे, जिनकी पूर्व में शादी हो चुकी थी। उन्हें पहले से बच्चे भी हैं। शादी समारोह संपन्न होने के बाद इसकी शिकायत पर अफसर हरकत में आए।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर देर शाम जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, एडीओ एजी पंकज सहित तीन सदस्यीय टीम ने चोपन गांव पहुंचकर छानबीन की। जांच में स्पष्ट हुआ कि गांव की योजना का लाभ पाने वाली तीन लाभार्थियों को पहले से बच्चे भी हैं।
लिहाजा वह सामूहिक विवाह योजना के तहत पात्र नहीं है। अपात्रता की पुष्टि के बाद देर रात पुलिस की मौजूदगी में शादी समारोह में बतौर उपहार दिए गए सभी सामान वापस ले लिए गए। इस मामले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी प्रतिभा द्विवेदी की लापरवाही भी सामने आई।
गांव में जाकर गहनता से जांच किए बिना रिपोर्ट लगाने के कारण तीनों अपात्र योजना में शामिल हो गए थे। बीडीओ शुभम बरनवाल ने उनके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति के साथ रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव ने बताया कि तीनों शादियों को अमान्य कर दिया गया है। उन्हें दिए गए सामान भी वापस लिए गए हैं। साथ ही खाते में भेजी जाने वाली धनराशि पर रोक लगा दी गई है।
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वर्जन:
जांच टीम की तरफ से आख्या अभी प्राप्त नहीं हुई है। आख्या मिलने के बाद रिपोर्ट के आधार पर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। -नमिता शरण, डीपीआरओ।
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ग्राम प्रधान ने भी सामूहिक विवाह में रचाई शादी
सोनभद्र। घोरावल के कंपोजिट विद्यालय देवली मय केवली में सोमवार को हुए सामूहिक विवाह समारोह में एक ग्राम प्रधान ने भी शादी रचाई। सरवट ग्राम के प्रधान अरविंद कुमार अनुसूचित जाति के हैं। वह अविवाहित थे। सामूहिक विवाह योजना में दूसरों को शादी के लिए प्रेरित करने के मकसद ने उन्होंने खुद शादी की। संवाद