परियोजना विस्तार के लिए चिल्काडांड, खड़िया, परसवार राजा, भैरवा और बैढ़न गांवों की करीब 140 एकड़ यानी 57 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी प्रस्तावित है। वर्तमान में 1640 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन हो रहा है। विस्तार के बाद यह क्षेत्र बढ़कर 1697 हेक्टेयर हो जाएगा।
पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया के तहत 28 अक्तूबर को दोपहर 12 बजे डीएवी पब्लिक स्कूल ग्राउंड, खड़िया कॉलोनी में लोक सुनवाई होगी। इसमें ग्रामीण जमीन, मुआवजा, रोजगार, प्रदूषण और पानी समेत अन्य मुद्दों पर आपत्ति या सुझाव दे सकेंगे।
पांच गांवों की 57 हेक्टेयर जमीन आएगी जद में
परियोजना विस्तार के लिए चिल्काडांड, खड़िया, परसवार राजा, भैरवा और बैढ़न गांवों की करीब 140 एकड़ यानी 57 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी प्रस्तावित है। वर्तमान में 1640 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन हो रहा है। विस्तार के बाद यह क्षेत्र बढ़कर 1697 हेक्टेयर हो जाएगा।
28 अक्तूबर को होगी लोक सुनवाई
पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया के तहत 28 अक्तूबर को दोपहर 12 बजे डीएवी पब्लिक स्कूल ग्राउंड, खड़िया कॉलोनी में लोक सुनवाई होगी। इसमें ग्रामीण जमीन, मुआवजा, रोजगार, प्रदूषण और पानी समेत अन्य मुद्दों पर आपत्ति या सुझाव दे सकेंगे।
अधिकारी बोले
खड़िया परियोजना की रिस्ट्रक्चरिंग का काम प्रस्तावित है। क्षमता विस्तार समेत अन्य गतिविधियां इसी का हिस्सा हैं। भविष्य में एनसीएल की कृष्णशिला कोयला परियोजना को खड़िया व ककरी कोयला क्षेत्र को बीना कोयला खदान में समाहित किए जाने की योजना है। -राम विजय सिंह, प्रवक्ता, एनसीएल