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7th Phase Election: सोनभद्र के दुर्गम इलाकों में दिखा मतदान का उत्साह, गाड़ी मिली न नाव, फिर भी न रूके पांव

Mon, 07 Mar 2022 04:05 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र

सार

सोनभद्र के दुर्गम इलाकों में लोकतंत्र को लोग मजबूत करते दिखे। लोकतंत्र की मजबूती के लिए उन्होंने तमाम दुश्वारियां झेली, लेकिन वोट देने का जज्बा नहीं छोड़ा। 
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मतदान केंद्र के लिए जातीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नक्सल प्रभावित सोनभद्र जिले के दुरुह और दुर्गम इलाकों में मतदान का उत्साह दिखा। यहां के स्थानीय लोग अपने मताधिकार के प्रति जागरूक दिखे। लोकतंत्र की मजबूती के लिए उन्होंने तमाम दुश्वारियां झेली, लेकिन वोट देने का जज्बा नहीं छोड़ा। कोई किराए के वाहन से 50-55 किमी की दूरी तय कर वोट देने पहुंचा तो कुछ ने पैदल ही नदी की धारा पारकर अपना वोट दिया। बूथ से दूरी होने के कारण लोग पांच-छह किमी तक पैदल भी चले, लेकिन वोट देना नहीं भूले।

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अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित यूपी की अंतिम विधानसभा क्षेत्र  दुद्धी अंतर्गत खम्हरिया गांव के टोला डुमरचुआ के मतदाताओं को वोट देने के लिए रिहंद जलाशय पार कर दूसरे टोले में जाना पड़ता है। अन्य चुनावों में उन्हें नाव की व्यवस्था हो जाती थी।

नाव के जरिए जलाशय पार करने पर गांव से बूथ की दूरी 3-4 किमी ही पड़ती है, मगर सड़क मार्ग से यही दूरी 50-55 किमी की होती है। चुनाव से पहले उन्हें नाव की व्यवस्था कराने का प्रशासन ने दावा किया था, लेकिन जब वह जलाशय के किनारे पहुंचे तो नाव नदारद रही। काफी देर तक इंतजार के बाद भी नाव नहीं उपलब्ध हुई तो लोगों ने आपस में चंदा एकत्रित कर वाहन की व्यवस्था की तो कुछ ने प्रत्याशियों के सहयोग से मिले वाहन पर सवार होकर वोट देने पहुंचे।

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कई किमी पैदल चलकर मतदान केंद्र पहुंचे ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीण कन्हैया लाल गुप्ता, रामनरेश गुप्ता, रामप्रेवश, महिलाल, जयकुमार, कमलेश, भागवत राम, नारायण प्रसाद जायसवाल, सुभाष, रोहित, लक्ष्मण गुप्ता आदि ने बताया कि वह 40 वर्ष से इस समस्या से जूझ रहे हैं। हर बार यही सोचकर मतदान करते हैं कि कोई तो हमारी सुध लेगा। हम तो अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, बाकी नेता जानें।

वहीं इसी क्षेत्र के पिंडारी गांव में बिच्छी नदी पर पुल की मांग लोग अरसे से कर रहे हैं। लकड़ी का पुल बनाकर आवागमन करने वाले ग्रामीणों ने इस बार नदी में पानी कम होने पर पैदल चलकर नदी की धारा को पार किया। महिलाओं ने समूह में पहुंचकर वोट किया। म्योरपुर ब्लॉक में ओबरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय रनटोला पर बने बूथ पर मेनरहवा टोला के लोगों ने चार किमी पैदल चलकर मतदान किया।
पढ़ेंः यूपी की अंतिम चार सीटों का हाल, मुफ्त राशन और नमक-तेल ने रोचक किया चुनावी खेल

जिले की चारों सीटों का माहौल अलग-अलग

पैदल ही मतदान केंद्र पहुंचे ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
यूपी विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में प्रदेश की अंतिम चार विधानसभा सीटों दुद्धी, घोरावल, ओबरा और राबर्ट्सगंज पर भी मतदान हो रहा है। यह चारों सीटें सोनभद्र में है। तीन बजे तक 49.79 फीसद मतदान दर्ज हुआ है। चार राज्यों की सीमा से सटे इस जिले की चारों सीटों का माहौल भी अलग-अलग है।

सोनांचल का भविष्य तय करने वाले इस चुनाव में सबकी निगाहें आदिवासी वोटरों पर है। आदिवासियों में गहरी पैठ रखने वाले सपा-बसपा को वर्ष 2017 में भाजपा ने तगड़ा झटका देते हुए चारों सीटें अपने पाले में कर ली थी। इनमें तीन सीटों पर भाजपा खुद जीती तो एक सीट गठबंधन की सहयोगी अपना दल को मिली। भाजपा फिर से इतिहास दोहराने की कोशिश में जुटी है तो सपा-बसपा अपने वोटों पर पकड़ मजबूत बनाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
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राबर्टसगंज व दुद्धी में शाम चार बजे तक ही मतदान

सोनभद्र जिले में 63 नामांकन हुए थे। 20 नामांकन रद्द होने और तीन नाम वापसी होने के बाद कुल 40 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने की वजह से सोनभद्र की राबर्टसगंज व दुद्धी में सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक ही वोट पड़ेंगे। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ तो दिन चढ़ने तक जारी रहा। सुबह से मतदाताओं की कतार बूथों पर नजर आई। 
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