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तकनीकी खराबी से इकाइयां बंद बिजली उत्पादन प्रभावित

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ओबरा। बीते 14 अक्तूबर 2018 को स्थानीय तापीय परियोजना के केबिल गैलरी में हुई अग्निकांड के दौरान सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुई 200 मेगावाट की 12वीं इकाई 22 जनवरी को सिंक्रोनाइज करने के बाद सोमवार की शाम को तकनीकी गड़बड़ी से एक बार फिर बंद हो गई। 9वीं इकाई में भी मंगलवार की सुबह तकनीकी गड़बड़ी आने की वजह से करीब 160 मेगावाट पर बंद हो गई। इसके चलते ओबरा बिजली घर की 11वीं इकाई से करीब 145 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा था। बता दें कि 12वीं इकाई को सिंक्रोनाइज करने के लिए आगामी 15 फरवरी 2020 तक का समय दिया गया था, लेकिन परियोजना प्रशासन ने तय समय से पहले ही 12वीं इकाई को सिंक्रोनाइज कर लिया था।
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22 जनवरी को 12वीं इकाई को सिंक्रोनाइज करने के बाद इकाई के सभी पहलुओं की जांच भी की जा रही थी। अग्निकांड में ओबरा की चार इकाइयां बंद हो गयी थी। 12वीं इकाई का कंट्रोल रूम, स्विच गेयर रूम एवं केबल गैलरी पूरी तरह जल गया था। इस नाते ओबरा परियोजना का उत्पादन शून्य हो गया था। चारो इकाइयों को आग से पहुंचे नुकसान के कारण उन्हें चालू करना परियोजना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी। परियोजना प्रशासन की देखरेख में भेल कंपनी ने कड़ी मेहनत कर नौवीं इकाई को घटना के 22 दिन बाद तथा 10वीं इकाई को एक माह में चालू करने में परियोजना प्रशासन कामयाब रहा। उसके बाद 11वीं इकाई को भी दो माह में ही चालू कर लिया गया था। इस संबंध में ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. आरपी सक्सेना ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण इकाइयां बंद हुई हैं जिसे 48 घंटे के भीतर चालू कर लिया जाएगा।
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