संविदा मजदूरों का नियमितीकरण करने, अनपरा डी लोकार्पण कार्यक्रम के खर्च का विवरण सार्वजनिक करने और अन्य मांगें पूरी कराने के लिए गुरुवार को ठेका मजदूर यूनियन कार्यकर्ताओं ने परियोजना के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया।
बोनस भुगतान के लिए भी आवाज उठाई। उद्घाटन के समय चालू की गई इकाई को फिर से बंद कर देने पर भी सवाल उठाते हुए संबंधितों से जवाब मांगा।
यूपी वर्कर्स फ्रं ट के प्रदेश महामंत्री राजेश सचान ने कहा कि 27 अप्रैल 2011 को हाईकोर्ट ने अनपरा-ओबरा में लंबे समय से कार्यरत संविदा श्रमिकों को नियमित करने का आदेश दिया था, लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया।
अधिकारियों की मनमानी से परियोजना को काफी नुकसान हो रहा है। बिजली उत्पादन से लेकर हर स्तर पर गिरावट देखने को मिली है।
तीन साल देर से शुरू हुई परियोजना की पहली यूनिट को उत्पादन के कुछ देर बाद ही ठप कर दिया गया। इस पर संबंधितों को जवाब देना चाहिए। ठेमयू के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के लोकार्पण कार्यक्रम में हाईकोर्ट के नियमितीकरण के आदेश को लागू करने की घोषणा न करने से मजदूरों में रोष है।
यूनियन उपाध्यक्ष तेजधारी गुप्ता ने कहा कि मजदूरों को बोनस और मजदूरी देने के लिए परियोजना में धन की कमी है लेकिन लोकार्पण पर पानी की तरह रुपये बहाए गए, इस खर्च के विवरण को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
यूनियन उपाध्यक्ष केदार सिंह ने कहा कि 15 मई 2011 को हुए त्रिपक्षीय समझौते को लागू नहीं किया गया। इसी का नतीता है कि संविदा मजदूरों को मनरेगा से भी कम मजदूरी दी जा रही है।
इस मौके पर गणेश सिंह, सुभाष चंद्र केवट, सलीम शेख, वीरेंद्र यादव, वीरेंद्र राय, अवधेश श्रीवास्तव, मुश्ताक अहमद, पन्ना लाल, रमा शंकर चंद्र वंशी, तुलसी, गोविदा प्रजापति, पृथ्वी राज सिंह, अजय सिंह, राम नरेश, मुन्ना, रामायण आदि मौजूद थे।