ओबरा। स्थानीय थाना क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में रहवासी बस्ती के समीप स्थित खदानों में हो रही अनियंत्रित ब्लास्टिंग के दौरान घरों में हो रहे कंपन और गिर रहे पत्थरों से लोग दहशत में हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दहशत की वजह से दोपहर में ब्लास्टिंग के समय घरों में दुबक जाते हैं। कई बार संबंधितों को शिकायत करने के वावजूद अनियंत्रित ब्लास्टिंग पर रोक नहीं लगाईं जा रही है जिससे हमेशा जानमाल का ख़तरा बना रहता है। सबसे अधिक समस्या डिग्री कॉलेज के पीछे स्थित घनी बस्ती में है। यहां पूर्व में छोटी बस्ती थी, मगर अब एक घनी आबादी है। यहां के रहवासी भगवान साहू बताते हैं कि उनके बस्ती के पीछे स्थित खदानों में प्रतिदिन अनियंत्रित ब्लास्टिंग की जाती है जिसके पत्थर कई बार उड़कर घरों पर आकर गिरते हैं। इससे हमेशा ब्लास्टिंग के दौरान लोग सहम कर घरों में दुबक जाते हैं। गृहणी ममता देवी बताती हैं कि ब्लास्टिंग के पत्थर बस्ती में आने से हमेशा जनहानि की आशंका बनी रहती है। बताया कि मानक से अत्यधिक तीव्रता की ब्लास्टिंग किए जाने से लोगों के घर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राम मनोरथ बताते हैं कि इस संबंध में संबंधित पट्टाधारकों और प्रशासन को कई बार जानकारी दी जा चुकी है वावजूद ना तो कोई कार्रवाई की जा रही है और ना ही पट्टाधारक कोई उचित कदम उठाने को तैयार हैं। रीना देवी ने बताया कि अनियंत्रित ब्लास्टिंग की वजह से घरों में दरारें आ गईं हैं। यही हाल रहा तो यहां से पलायन के अलावा और कोई चारा नहीं बचेगा। उन्होंने जिला प्रशासन से ब्लास्टिंग पर रोक लगाने की मांग की है। इस बाबत वरिष्ठ खान अधिकारी आशीष कुमार का कहना था कि पट्टाधारकों को ब्लास्टिंग के दौरान नियमों का पालन करने को कहा गया है। शीघ्र ही समुचित कार्रवाई भी होगी।