कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में गत वर्ष भूमि विवाद में 11 लोगों को हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की दूसरी बरसी शनिवार को है। आदिवासी समुदाय के लोग पिछले कई दिनों से दूसरी बरसी बनाने की तैयारी में थे। इस मौके पर राजनीतिक दलों के नेताओं के पहुंचने की संभावना और कोरोना को देखते हुए उभ्भा गांव में बरसी का सार्वजनिक कार्यक्रम करने पर रोक लगा दी गई है। इसके चलते गांव के तीन किलोमीटर के क्षेत्रफल में बैरियर लगा कर पूरे गांव को सील कर दिया गया है। गांव में शुक्रवार को बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। अधिकारियों ने बाहरी लोगों के गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी है। एसडीएम, सीओ समेत अन्य अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से मिल कर घरों में बरसी मनाने की अपील की।
उभ्भा गोलीकांड 17 जुलाई 2019 को हुआ था। शुक्रवार को उभ्भा कांड के दो वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। शनिवार को उभ्भा कांड की बरसी बनाने के लिए पीड़ितों एवं आदिवासी समुदाय के लोग कई दिनों से तैयारी कर रहे थे। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़ व अन्य लोगों ने घटनास्थल पर सामूहिक रूप से बरसी मनाने की अनुमति मांगी थी लेकिन अधिकारियों ने कोविड संक्रमण को देखते हुए सख्त रवैया अपनाया और कार्यक्रम करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। वहीं बरसी पर एक बार फिर राजनीतिक दलों के नेताओं के उभ्भा आने की संभावना के मद्देनजर प्रशासन किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहता। उभ्भा जाने वाले तमाम रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा द ीगई है ताकि बाहरी व राजनीतिक दलों के लोग गांव में न पहुंच सकें। उभ्भा गांव एवं आस पास के इलाके के चारों तरफ तीन किलोमीटर के क्षेत्रफल में चारों तरफ शुक्रवार को बैरियर लगाकर उभ्भा को पूरी तरह से सील कर दिया गया। गांव में बाहरी लोगों को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। कन्हारी पुलिस चौकी के पास उभ्भा मार्ग पर, घटनास्थल, कन्हारी उभ्भा मार्ग पर मगरहा छलका, प्राथमिक विद्यालय और मूर्तिया समेत अन्य स्थानों पर बैरियर लगाकर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिले के विभिन्न थानों से पुलिस भी उभ्भा के लिए रवाना हो गई है। इसके साथ ही दिन और रात में भ्रमण कर निगरानी करने के लिए टीमें गठित की गई हैं। एसडीएम जैनेंद्र सिंह, सीओ शंकर प्रसाद, घोरावल एसएचओ बृजेश सिंह, उभ्भा चौकी प्रभारी धर्मेंद्र यादव लगातार उभ्भा और आसपास क्षेत्रों में निगरानी कर रहे हैं।
कोट
कोरोना के चलते उभ्भा गांव में उभ्भा कांड की बरसी पर सार्वजनिक कार्यक्रम करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए गांव को चारों तरफ से सील कर दिया गया है। गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है।-शंकर प्रसाद, क्षेत्राधिकारी