साढ़ू को न पाकर खुद ही खरहरा गांव स्थित तालाब किनारे आग जलाकर उसे भूनने लगे। कुछ ग्रामीणों को शक हुआ कि दोनों तालाब किनारे बैठकर जादू-टोना कर रहे हैं। जिस तालाब किनारे दोनों आग में मुर्गा पका रहे थे, उसे गांव के ही पूर्व प्रधान लल्लू उर्फ रामविलास का बताया जा रहा है।
बताते हैं कि शक होने पर ग्रामीणों ने मामले की जानकारी लल्लू को दी। लल्लू ने उन्हें घर लाने के लिए कहा। इसके बाद 5-6 ग्रामीण पहुंचे। बताया जा रहा है कि दोनों को डंडे से बांधकर कंधे पर टांगते हुए लटकाया गया। वहां से ग्रामीण लल्लू के घर पहुंचे और दोनों की लाठी-डंडे से पिटाई की गई।
दो दिन मामला दबा रहा। 18 अक्तूबर को रासपहाड़ी निवासी युवक क्षेत्र के ही एक समाजसेवी के पास पहुंचे। वह उन्हें लेकर जुगैल थाने पहुंचे जहां मामला दर्ज करते हुए दो को गिरफ्तार कर चालान कर दिया। जब शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तब शनिवार को पीड़ित से ही जुड़े व्यक्ति ने घटना का एक वीडियो वायरल कर दिया।
सुभासपा नेता सहित कई को बताया जा रहा है घटना में शामिल
पीड़ित की तरफ से दी गई तहरीर में पूर्व प्रधान लल्लू के ललकारने पर उनके बेटे, दामाद सहित अन्य पर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए पिटाई का आरोप लगाया गया है। इसमें एक आरोपी के सुभासपा से जुड़ा होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि दोपहर से शाम 4 बजे तक उन्हें बंधक बनाए रखा गया। बीच-बीच में मारपीट की जाती रही। किसी तरह वह लोग खुद को बचाकर वहां से भागे। अस्पताल जाकर दवा-इलाज कराया। इसके बाद पुलिस को तहरीर दी गई।
मामले में गत 19 अक्तूबर को ही एससी-एसटी एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर दो की गिरफ्तारी हो चुकी है। घटना की जानकारी प्राप्त होने पर शनिवार को मौके का निरीक्षण कर जुगैल पुलिस को जरूरी निर्देश दिए गए। शेष आरोपियों के भी गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है। पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण कराते हुए उनका बयान दर्ज किया गया है। चोटें सामान्य प्रकृति की पाई गई हैं। -हर्ष पांडेय, सीओ ओबरा।