दो नाबालिग चचेरी बहनों को बहला-फुसलाकर घर से भगाने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की कोर्ट ने दो महिलाओं को 5-5 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। उन पर 60-60 हज़ार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामला बभनी थाना क्षेत्र में वर्ष 2016 का है।
अभियोजन के अनुसार बभनी के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दी तहरीर में 28 जनवरी 2016 को मुकदमा दर्ज़ कराया था। बताया कि उसकी बेटी और भतीजी 10 जनवरी को घर से निकली थीं, जो वापस नहीं लौटी। बाद में पता चला कि उर्मिला और लीलावती ने दोनों को बहला-फुसलाकर कहीं भगा दिया है। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध केस दर्ज़ कर दोनों नाबालिग बहनों की तलाश की और उन्हें बरामद कर मेडिकल कराया।
पुलिस ने जांच के बाद दोनों महिलाओं के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षो की दलीलों को सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद बुधवार को फैसला सुनाया। दोषी उर्मिला और लीलावती को 5-5 वर्ष कैद और अलग-अलग धाराओं में 60-60 हजा रुपये अर्थदंड से दंडित किया।