शासन से मिले निर्देश पर सीएमओ ने सीएचसी घोरावल के अधीक्षक डॉ. नरेंद्र कुमार सरोज और ब्लॉक पीएचसी केकराही के अधीक्षक डॉ. गुरू प्रसाद से मामले की जांच कराई। नियुक्ति में गड़बड़ी पाए जाने के बाद जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग भेज दी गई। स्वास्थ्य विभाग में दोनों के नियुक्ति पत्रों का सत्यापन कराया गया तो फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया। पता चला कि स्वास्थ्य विभाग से दोनों का नियुक्ति पत्र नहीं जारी किया गया था।
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मामले में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं ने 16 अप्रैल को सीएमओ को पत्र भेजा और कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर सीएमओ 23 अप्रैल को सीएचसी अधीक्षक घोरावल और केकराही को प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। दोनों मामलों में 29 अप्रैल को तहरीर दी गई थी। शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
क्या बोले अधिकारी
शासन से मिले निर्देश पर दोनों मामलों की जांच कराई गई थी। विभागीय सत्यापन में दोनों का नियुक्ति पत्र फर्जी पाया गया है। इस पर महानिदेशक के यहां से कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में घोरावल और केकराही के अधीक्षक ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामले में विभागीय कार्रवाई भी होगी। -डॉ. पंकज कुमार राय, सीएमओ