चुर्क पुलिस लाइन में गाजा तस्कर के आरोपी।स्रोत पुलिस
सोनभद्र/रेणुकूट। पिपरी पुलिस ने बुधवार रात महिंद्रा एक्सयूवी में छिपाकर ओडिशा से महोबा ले जाया जा रहा दो क्विंटल 850 ग्राम गांजा बरामद किया। पुलिस ने मौके से महोबा निवासी दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। वाहन समेत बरामद गांजे की कीमत करीब 1.10 करोड़ रुपये बताई गई है। एक्सयूवी पर कानपुर की फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने तस्करी से जुड़े गिरोह और उससे जुड़े कई लोगों के नाम बताए हैं। इनके आधार पर गिरोह के सरगना समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। सभी वांछितों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। एसपी अभिषेक वर्मा ने बृहस्पतिवार दोपहर बाद पुलिस लाइन में मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बुधवार रात करीब 11 बजे पिपरी थानाध्यक्ष राजेश जी चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम मुर्धवा-रनटोला मार्ग पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान रनटोला की ओर से आ रही महिंद्रा एक्सयूवी पुलिस को देखकर अचानक मुड़ने लगी। संदेह होने पर पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन रोक लिया। उसमें सवार दोनों लोगों से पूछताछ के बाद वाहन की तलाशी ली गई। पिछली सीट के नीचे और डिकी में प्लास्टिक टेप से पैक किए गए गांजे के 195 पैकेट मिले। मशीन से तौल कराने पर इनका कुल वजन दो क्विंटल 850 ग्राम निकला। पकड़े गए आरोपियों की पहचान महोबा के कोतवाली क्षेत्र के बजरंग चौक, गांधीनगर निवासी उमेश अहिरवार और कबरई थाना क्षेत्र के कबरई निवासी महिपाल पाल के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर बृहस्पतिवार को चालान कर दिया। एसपी ने बताया कि आरोपियों को ओडिशा से गांजा लाकर महोबा पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बदले उन्हें प्रति चक्कर 20 से 25 हजार रुपये मिलते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले भी तस्करी के लिए सोनभद्र होकर गुजरने वाले मार्ग का इस्तेमाल कर चुके हैं। दोनों 29 सितंबर को ओडिशा से गांजा लेकर निकले थे। रास्ते में पुलिस की चेकिंग देखकर उन्होंने वाहन जंगल की ओर ले जाकर कुछ समय के लिए छिपा दिया था। पुलिस को भ्रमित करने के लिए वे वाहन पर अलग-अलग नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते थे। इस बार एक्सयूवी पर कानपुर की नंबर प्लेट लगाई गई थी, जो जांच में फर्जी मिली। एसपी ने बताया कि पकड़ा गया गिरोह ओडिशा से गांजा लाकर महोबा और आसपास के जिलों में संगठित तरीके से इसकी आपूर्ति करता है। पूछताछ में तस्करी से जुड़े कुछ और लोगों के नाम सामने आए हैं। उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई जा रही है।