विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के बाद मंगलवार को विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों में कुल 2.51 लाख मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं। इसके अलावा करीब 82 हजार मतदाता ऐसे भी हैं, जिनकी वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो पाई है।
अब उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। मतदाताओं को अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी के पूर्व में मतदाता होने से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा। ऐसे मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में है।
जिले में चार विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत कुल 1405078 मतदाता दर्ज थे। एसआईआर के पहले चरण में बीएलओ के माध्यम से कराए गए सत्यापन में 251964 नाम अपात्र पाए गए हैं। इसमें 32883 की मौत हो चुकी है तो 123046 लोग अन्यत्र चले गए हैं। 65261 मतदाताओं के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, जबकि 27796 नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे। 2975 नाम का सत्यापन न होने के पीछे अन्य वजहें रहीं। यह सभी नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
इसके अलावा 82 हजार मतदाता ऐसे भी हैं, जिनकी मैपिंग वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाई है। गणना प्रपत्र भरते समय सभी मतदाताओं को यह उल्लेख भी करना था कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनका या उनके माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी का नाम किस विधानसभा क्षेत्र के कौन से भाग संख्या में दर्ज था।
यह मतदाता इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाए हैं। मैपिंग न हो पाने वाले ऐसे मतदाताओं को अब नोटिस भेजकर साक्ष्य प्रस्तुत करने का मौका दिया जाएगा। अगर इस चरण में वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके तो उनका नाम भी सूची से काट दिया जाएगा।