सोनभद्र। ओबरा थाना क्षेत्र के खैरटिया गांव में नौ वर्ष पूर्व मारपीट में हत्या के मामले में कोर्ट ने दोषी को आठ वर्ष कैद की सजा सुनाई है। उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सुनवाई के दौरान मुकदमे के वादी ही पक्षद्रोही हो गया, मगर घटना के प्रत्यक्षदर्शी की गवाही को आधार बनाते हुए कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार खैरटिया गांव निवासी हरिदास गोंड 28 जुलाई 2015 की रात गांव में कहीं से आ रहा था। रामजियावन खरवार के घर के सामने गांव के ही रामबहाल उर्फ भोला से उसका झगड़ा हो गया। भोला ने लात-घूंसों से हरिदास की जमकर पिटाई की, इससे उसे गंभीर चोट आई और उसने दम तोड़ दिया। मृतक के भाई बुद्धिराम गोंड ने पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। सुनवाई के दौरान बुद्धिराम पक्षद्रोही हो गया और अपनी बातों से पलट गया। उसने भोला की ही पिटाई से भाई की मौत की बात से इंकार किया। ऐसे में कोर्ट ने तहरीर लिखने वाले को पेश किया, उसने भी अपने बयान में कहा कि तहरीर में बुद्धिराम ने ही बोलकर लिखवाया है। उसने वही बात लिखी, जो बुद्धिराम ने कहा। उधर, घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे और बीच बचाव करने वाले रामजियावन खरवार ने घटना की पुष्टि करते हुए अपना बयान दर्ज कराया। प्रत्यक्षदर्शी के गवाह को आधार बनाते हुए सत्र न्यायाधीश रवींद्र विक्रम सिंह ने रामबहाल उर्फ भोला को दोषी करार देते हुए आठ वर्ष कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।