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लोकमंगल के लिए तुलसी दास ने लिखा था रामचरित मानस

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राबर्ट्सगंज कचहरी स्थित सोनभद्र बार कक्ष में तुलसीदास की जयंती पर काव्य पाठ करते डॉ. बी सिंह। - फोटो : SONBHADRA
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सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार में बृहस्पतिवार को महाकवि गोस्वामी तुलसीदास की जयंती मनाई गई। इस दौरान कवियों ने रचनाओं का पाठ किया। साहित्यकार पारसनाथ मिश्र को रामानुज महाकाव्य और प्रद्युम्न त्रिपाठी को खेल संवाद साहित्य काव्य कृति के लिए सम्मानित किया गया।
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राष्ट्रीय संचेतना समिति के संयोजन में जगदीश पंथी और अधिवक्ता रमेश देव पांडे के संयोजन में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार अजय शेखर ने किया। मुख्य अतिथि डॉ. बी. सिंह रहे। परिचर्चा में साहित्यकार रामनाथ शिवेंद्र, सुशील राही, पूर्व चेयरमैन कृष्णमुरारी गुप्ता, बार अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद शुक्ल, चंद्रपाल शुक्ला आदि ने वक्ताओं ने कहा कि रामचरितमानस लोकमंगल की भावना से लिखा गया है। इसकी हर पंक्तियां हमें संदेश देती है। संचालन जगदीश पंथी जी ने किया। द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी हुई। इसमें मां वाग्देवी की ईश्वर वैरागी ने स्तुति की। राकेश शरण मिश्र, धर्मेश चौहान, कौशल्या कुमारी चौहान, दयानंद दयालु, प्रद्युम्न त्रिपाठी, सरोज कुमार सिंह, जयराम सोनी, सिद्धनाथ पांडेय, विकास वर्मा, मदन चौबे आदि ने कविताओं से छंद, गीत, गजल, मुक्तक से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया। धन्यवाद ज्ञापन संस्था के अध्यक्ष रमेश देव पांडे ने ज्ञापित किया। इस अवसर पर भैयालाल सिंह, विनोद कुमार चौबे, लल्लू, मुंशी, आत्म प्रकाश त्रिपाठी, देवानंद पांडेय, संजीव पांडेय, सुरेंद्र मिश्र, सुरेंद्र पांडेय, अखिलेश दुबे, राधेश्याम बंका, इंद्रमणि शुक्ल, राकेश दुबे आदि मौजूद रहे।
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