दुद्धी। उच्चाधिकारियों की बार-बार हिदायतों के बावजूद स्वास्थ्य महकमे में लापरवाही के मामले थम नहीं रहे। ताजा मामला दुद्धी सीएचसी का है। यहां शनिवार को क्षय रोग से ग्रसित मरीज अस्पताल मेें घंटों छटपटाता रहा। समय से उपचार न मिलने पर उसकी परिसर में ही मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। अधीक्षक ने मामले की जांच करने की बात कही।
क्षेत्र के नगवां गांव निवासी चेत सिंह खरवार (25) पुत्र रामफल खरवार को विगत एक माह से खांसी और बुखार के साथ सांस फूलने की समस्या थी। गांव के झोलाछाप चिकित्सक से इलाज करा रहा था, लेकिन आराम नहीं मिला। एक पखवारे पूर्व उसे सीएचसी दुद्धी लाया गया। चिकित्सकों ने उसे परिसर में ही स्थित डॉट्स सेंटर में जांच कराने की सलाह दी। जांच में टीबी की पुष्टि हुई, जिसके बाद केंद्र के वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक (सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर) जयशंकर पांडेय ने संबंधित दवा मरीज को मुहैया कराई। शनिवार की सुबह अचानक खांसी के साथ सांस फूलने की शिकायत पर परिजन उसे लेकर से दुद्धी सीएचसी पहुंचे। चेत सिंह को मरीज शेड में रखकर परिजन ओपीडी में चिकित्सकों को तलाश करते रहे। आरोप है कि 9.45 बजे तक किसी चिकित्सक के न पहुंचने और समय से उपचार न मिलने के कारण मरीज की मौत हो गई। परिवार के लोग शव को लेकर अपने गंतव्य की ओर चले गए। पिता रामफल सहित अन्य परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। इस बाबत सीएचसी अधीक्षक डॉ. शाह आलम अंसारी ने बताया कि सुबह आठ बजे डॉ. संजीव अस्पताल पहुंच कर वार्डों में भर्ती मरीजों का राउंड ले रहे थे। बाकी चिकित्सक डॉ. मनोज एक्का, डॉ. गिरधारी लाल, डॉ. प्रवीण किन परिस्थितियों में 9.45 बजे तक अस्पताल नहीं पहुंचे इसकी जांच की जाएगी।