शक्तिनगर। एसटीएफ व पुलिस की कार्रवाई में तेल के बड़े खेल का खुलासा होने व आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब डीएम के निर्देश पर सभी दस आरोपियों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसी एक्ट) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। नई कार्रवाई से जमानत पर रिहा आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
एनसीएल की कोयला खदानों में इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड के मुगलसराय टर्मिनल से टैंकरों के जरिए हो रही डीजल आपूर्ति में बड़ा गोलमाल एसटीएफ ने उजागर किया था। इस माह की शुरुआत में एसटीएफ वाराणसी यूनिट की कार्रवाई से कारोबार से जुड़े लोगों में खलबली मच गई थी। एसटीएफ व पुलिस ने इस मामले में कुल 22 लोगों को आरोपी बनाया। इनमें से दस लोगों की गिरफ्तारी हुई और जेल भेजे गए। जेल में बंद एनसीएल के टोटल फ्यूल मैनेजमेंट (टीएफएम) संचालक रमाशंकर यादव उर्फ पप्पू टंडन की जमानत के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत को मंजूरी दे दी। इस बीच विवेचना के दौरान कारोबारियों के कई और कारनामे उजागर हुए। मामला आवश्यक वस्तु अधिनियम के दायरे में आने के बाद आपूर्ति महकमे ने पूरी रिपोर्ट डीएम को सौंपा। डीएम के निर्देश पर आपूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर गिरफ्तार सभी दस आरोपियों के खिलाफ अब ईसी एक्ट में भी केस दर्ज कर लिया गया है। हालिया कार्रवाई से कोर्ट से राहत पाए आरोपियों की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं।