मोहनापुर हाइवे के पास ट्रक खराब होने से आवागमन ठप।
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पिछले छह दिनों से सैकड़ों की संख्या में खड़े ओवरलोड ट्रकों को रविवार की रात टोल प्लाजा से पार करा दिया गया। इनमें आजमगढ़, भदोही, मिर्जापुर, वाराणसी और गोरखपुर के कई माननीय और खनन माफियाओं के वाहन भी शामिल रहे। प्रशासनिक अमले ने स्थानीय वाहनों से 31 सौ रुपये और बाहर की गाड़ियों से 78 सौ रुपये जुर्माना वसूला है। बताया जाता है कि भदोही के एक माननीय के 11 वाहनों से जुर्माना नहीं वसूला गया।
14 जुलाई से शासन ने पूरे प्रदेश में ओवरलोड वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी है। लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव और परिवहन मंत्री यासर शाह ने कहा था कि किसी भी जिले में ओवरलोड वाहन चलते मिले तो वहां के आरटीओ और एआरटीओ को निलंबित कर दिया जाएगा। आदेश आते ही रात नौ बजे वाहनों को रोक दिया गया। चूंकि अचानक ओवरलोडिंग पर रोक लगाई गई थी, इस नाते ट्रकों की लंबी कतार लग गई।
इनमें भदोही के एक माननीय की 11 हाईवा, आजमगढ़ के पूर्व सांसद के चार ट्रक, लखनऊ में तैनात आईएएस के परिवार के दो, आजमगढ़ के एक विधायक के तीन, गोरखपुर के एक भाजपा नेता के चार, मिर्जापुर के एक माननीय के नौ वाहन खड़े हो गए। चूंकि बालू की साइटों और क्रशर से खान विभाग वीआईपी शुल्क पूरा करने के लिए मानक से अधिक खनिज ट्रकों पर लदवाता है।
इस नाते सड़क के किनारे छह सौ से अधिक ओवरलोड वाहन खड़े होने से खान विभाग के हाथ-पांव फूल गए। यहां से लेकर लखनऊ बात करने के बाद भी जब कोई निष्कर्ष नहीं निकला तो आपसी सहमति के बाद वाहनों से जुर्माना लेकर उन्हें जाने की इजाजत दी गई।
डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, वाराणसी जोन डीके त्रिपाठी ने कहा कि ओवरलोडिंग पर विभाग सख्त है। खान विभाग पहले दिन से ही एआरटीओ पर वाहनों को छोड़ने का दबाव बना रहा था। मगर एआरटीओ ने पांच दिन बाद आसपास के वाहनों से जुर्माना लेकर उन्हें जाने की इजाजत दी। साथ ही खान अधिकारी से कहा गया है अगर मानक से अधिक बालू, गिट्टी ट्रक ड्राइवरों पर लादते का दबाव बनाया तो सीधे इसकी शिकायत शासन से की जाएगी।