कोहरे के चलते शुक्रवार की रात चार सौ केवीए की अनपरा-मऊ पारेषण लाइन ट्रिप कर गई। वहीं रात साढ़े आठ बजे के करीब तकनीकी दिक्कत के चलते अनपरा परियोजना की पांच सौ मेगावाट वाली छठवीं इकाई ट्रिप कर गई। इससे परियोजना का उत्पादन एक हजार मेगावाट तक लुढ़क गया। शनिवार सुबह साढ़े दस बजे छठवीं इकाई को उत्पादन पर लेने के साथ, शाम तक इस इकाई से बेहतर उत्पादन शुरू कर दिया गया। बावजूद देर शाम तक ए, बी और डी तीनों परियोजनाओं में पांच सौ मेगावाट के करीब थर्मल बैंकिंग बनी हुई थी।
अनपरा में उत्पादित बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने के लिए छह से अधिक पारेषण लाइनें मौजूद हैं। इनमें से एक भी पारेषण लाइन बंद होती है तो उसका सीधा असर बिजली उत्पादन पर पड़ता है। यहीं कारण है कि शुक्रवार की रात अनपरा परियोजना का उत्पादन छठीं इकाई के ट्रिप होने से पांच सौ मेगावाट तक तो लुढ़का ही, नौ बजे के करीब पारेषण लाइन बंद होने से लुढ़ककर एक हजार मेगावाट तक उत्पादन घट गया। इससे 2020 मेगावाट तक उत्पादित हो रही बिजली अचानक से घटकर 1020 पर आ गई।
शनिवार को छठीं इकाई के उत्पादन पर आने के बाद भी उत्पादन 15 सौ मेगावाट के ही इर्द-गिर्द बना रहा। जीएम एके सिंह ने बताया कि शक्ति भवन से फिलहाल आधी रात तक थर्मल बैकिंग का आदेश मिला है। इस क्रम में अनपरा ए में 53, अनपरा बी में 282, अनपरा डी में 159 मेगावाट की बैकिंग कराई जा रही है। उम्मीद है कि आधी रात तक बंद पड़ी पारेषण लाइन चालू हो जाएगी। इसके बाद उत्पादन भी सुधरना शुरू हो जाएगा।