दुद्घी के मलदेवा रानी दुर्गावती शहीद स्थल क्रांति दिवस मनाते आदिवासी।
क्रांति दिवस पर मंगलवार को मलदेवा स्थित रानी दुर्गावती स्मारक स्थल पर आदिवासियों के आराध्य देव प्रकृतिशाली आदि बड़ा देव की सेवा में 52 गढ़ के देवी-देवताओं का आह्वान कर पूजन-अर्चन की शुरुआत की गई। सबसे पहले आदिवासियों के देव बड़ा देव का सुमिरन कर सनावृक्ष आराध्य शक्ति की पूजा की गई।
पूजा उपरांत ब्लॉक प्रमुख अनिल सिंह ने कहा कि समाज में आदिवासियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इन समस्याओं से उबरने के लिए सभी आदिवासियों को एकजुट होना पड़ेगा। कहा कि विडंबना यह है कि भारत के मूल निवासी कहे जाने वाले आदिवासी समाज आज उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं और उन्हें लोक सभा, विधान सभा के प्रतिनिधित्व से दूर रखा जा रहा है। जो चिंता का विषय है। मुख्य अतिथि पूर्व उपसचिव सचिवालय प्रशासन सत्य प्रकाश पंखा ने कहा कि आदिवासी समाज जल, जंगल, जमीन पर एकाधिकार है से वंचित किया जा रहा है।
कहा कि आदिवासियों को शिक्षित करने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, लेकिन उसका लाभ नहीं मिल रहा। अखिल भारती आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष फौजदार सिंह फरस्ते ने कहा कि आदिवासी समाज चुनाव में सबक सिखाएगा। मौके पर धमाचजर्य, सुखयी पोया, रामनाथ, शिवशरण, शिवपूजन, रामसहाय, रामफल, राजमती, समुंद्री, कौशिल्या, फरमाती आदि रहीं।