फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: सीएम के सामने नृत्य पेश करेंगे आदिवासी कलाकार

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। जनजातीय गौरव दिवस पर 15 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले में आगमन की तैयारियां तेज हो गई हैं। समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
विज्ञापन

राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड ने कहा कि सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि बिरसा मुंडा जयंती पर होने वाले कार्यक्रम को जनपद में भव्य और दिव्य स्वरूप में आयोजित किया जाए ताकि जनजातीय गौरव की भावना समाज में सशक्त रूप से स्थापित हो सके। जनजातीय विभाग के निदेशक शिव प्रसाद आनंद ने बताया कि वर्ष 2021 में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया गया था। इस वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि 1 से 15 नवंबर तक देशभर में जनजातीय गौरव स्मरणोत्सव मनाया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में जनजातीय समुदाय से जुड़े कलाकारों की ओर से जनजातीय नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके साथ ही एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों और जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, आदिवासी उद्यमी, कारीगर, स्वयं सहायता समूह और जनजातीय समाज से जुड़े संगठन भी हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में भगवान बिरसा मुंडा और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। साथ ही नुक्कड़ नाटक, लोक संगीत कार्यक्रम, जनजातीय भोजन का आयोजन और सेल्फी प्वाइंट भी स्थापित किए जाएंगे ताकि छात्र जनजातीय संस्कृति से परिचित हो सकें। बैठक में डीएम बद्रीनाथ सिंह, एसपी अभिषेक वर्मा, जनजातीय विभाग की उपनिदेशक प्रियंका वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा, सीडीओ जागृति अवस्थी, डीडीओ हेमंत कुमार सिंह, डीआईओएस जयराम सिंह, बीएसए मुकुल आनंद पांडेय आदि मौजूद रहे।
-
बिना अनुमति जिला नहीं छोड़ेंगे अफसर
सोनभद्र। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित जनपद भ्रमण को देखते हुए डीएम बद्रीनाथ सिंह ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को मुख्यालय पर मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी भी अधिकारी को बिना अनुमति के अवकाश पर जाने या मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। अगर किसी अधिकारी को अपरिहार्य कारणवश अवकाश की आवश्यकता हो तो वे केवल उनसे स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही मुख्यालय छोड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन के मद्देनज़र सभी अधिकारी अपने विभागों से संबंधित योजनाओं, कार्य प्रगति और जनता से जुड़े मुद्दों की पूरी जानकारी तैयार रखें ताकि किसी भी स्थिति में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें