सोनभद्र। बेसिक शिक्षा विभाग प्रत्येक वर्ष आरटीई के तहत बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला कराता है। अब दाखिला लेने वाले बच्चों की ट्रैकिंग भी कराई जाएगी। शैक्षिक सत्र 2013-14 से वर्ष 2020-21 तक इसका लाभ पाने वाले बच्चों के बारे में पता लगाकर निजी स्कूलों की मनमानी पर शिकंजा कसने की भी तैयारी है। आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में कुल सीटों का कम से कम 25 प्रतिशत तक गरीब बच्चों को प्रवेश देने का नियम है। 2014 व 2015 में ऑफलाइन और उसके बाद से आनलाइन दाखिला दिया जा रहा है। उच्चाधिकारियों का मानना है कि बेसिक शिक्षा विभाग गरीब बच्चों का कान्वेंट स्कूलों में हर साल दाखिला तो करा रहा है, मगर वे बच्चे नियमित पढ़ाई कर रहे हैं या नहीं इसकी जानकारी नहीं हो पाती। अब इसकी निगरानी होगी। ऐसे में वर्ष 2013-2014 से 2021 तक निजी व कान्वेंट स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चे अब कहां पढ़ रहे हैं इसकी रिपोर्ट 15 सितंबर तक तलब की गई है। इस बार निजी स्कूलों में पढ़ने के लिए तीन चरणों में कुल 1610 आवेदन आए। प्रथम चरण में 286, दूसरे चरण में 228 और तीसरे चरण में 219 बच्चों का चयन किया गया। इनमें से कई बच्चों के आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। शासन की ओर से 15 सितंबर तक सूचना मांगी गई है, इसे तैयार कराया जा रहा है। आगे जो भी दिशानिर्देश होंगे, उसे लागू कराया जाएगा।-हरिवंश कुमार, बीएसए।