पिपरी के डोंगिया जलाशय में पर्यटकों को लुभाने के लिए शुरू किया नौकायन छह माह में ही बंद हो गया है। यहां लगाई गई नौकाएं गायब हो चुकी हैं। प्लेटफाॅर्म का भी पता नहीं है। शौचालय, सेल्फी प्वाइंट सहित अन्य सुविधाएं भी नदारद हैं। पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए यहां लाखाें रुपये खर्च किए गए थे। कई दावे भी हुए थे। अब दूरदराज से पहुंचे पर्यटक मायूस होकर लौट रहे हैं। उनके लिए स्थानीय नाविकाें की छोटी नाव सहारा बन रही है।
ऊंचे पहाड़ और घने जंगलों से घिरे सोनांचल में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। कई स्थानों को चिह्नित भी किया गया है, मगर वन विभाग के सेंचुरी एरिया में होने के कारण वहां पर्यटन सुविधाओं के विकास में तमाम चुनौतियां बनी हुई हैं। एक साल पहले जिला प्रशासन की तरफ से पिपरी में रिहंद से सटे डोंगिया जलाशय को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल शुरू की गई थी। सोनांचल आने वाले पर्यटकों को लुभाने के लिए डोंगिया चौपाटी में नौका विहार की सुविधा शुरू की गई थी, यहां बड़ी तादाद में पर्यटक पहुंच भी रहे थे। नौकायन शुरू करने के साथ ही यहां 20 बाई 20 का वाटर प्लेटफाॅर्म का निर्माण किए जाने तथा लाइटें लगाए जाने के लिए मसौदा भी तैयार किया गया था।
करीब 50 लाख रुपये की लागत से उक्त कार्य कराए जाने की अनुमति शासन-प्रशासन की तरफ से दी गई थी। नौका विहार के लिए यहां 10 नौकाएं मंगाई गई थीं। मगर, मौजूदा समय में डोंगिया चौपाटी जाने वाले पर्यटकों को न तो नौका विहार की सुविधा मिल रही है और न ही वहां वाटर प्लेटफाॅर्म का ही निर्माण ही दिखाई दे रहा है। वहां जाने वाले पर्यटकों की माने तो मौके पर एक भी नौकाएं नहीं है। वहां सिर्फ दो नाव हैं जो डीजल इंजन के सहारे प्राइवेट व्यक्ति चलाते हैं। इससे पर्यटकों को मायूस लौटना पड़ रहा है। लाखों रुपये खर्च कर पर्यटन विकास के कार्य कराए गए थे।
मंगाई गई थीं 10 नौकाएं
डोंगिया जलाशय में नौकायन के अलावा वाटर स्पोर्ट्स से जुड़ी गतिविधियों का संचालन किया जाना था। फिलहाल नौकायन से इसकी शुरुआत की जानी थी। इसके लिए दस नावों की खेप मंगाई गई थी। इसमें रेस्कू बोट सहित 8-सीटर, 2-सीटर व सिंगल सीटर बोट शामिल थी। बोटिंग का एरिया निर्धारित करते हुए इसका संचालन शुरू कराया गया था। नाव का संचालन नगर पंचायत पिपरी के अलावा पर्यटन विभाग की देखरेख में हो रहा था। मगर, पांच महीने बाद ही नौकायन की व्यवस्था बंद कर दी गई।
पर्यटकों के लिए बना शौचालय बना निष्प्रयोज्य
डोंगिया चौपाटी के पास में पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर पंचायत पिपरी की तरफ से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया है, जो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में तब्दील हो गया है। यहां न तो पानी की व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई की चिंता। दो शौचालय में दरवाजा भी नहीं है। इससे यहां आने वाले पर्यटकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्जन:
डोंगिया चौपाटी में नौका विहार की व्यवस्था की गई थी, नौका संचालन की जिम्मेदारी प्राइवेट संस्था को दी गई थी। खर्च न निकलने से संस्था की तरफ से नौका संचालन बंद कर दिया गया है। सभी नौकाएं मौके पर हैं, बस उनका संचालन नहीं हो रहा है। कोई वीआईपी वहां पहुंचता है तो पुरानी नावों से घुमाया जाता है। - अंशुमान सिंह, ईओ पिपरी।